इन कैमरों से परमिट या अन्य प्रकार की जांच नहीं हो पाती थी। अब परिवहन विभाग ने इस प्रकार के सीसीटीवी कैमरों का ट्रायल भी सफल हो गया है। अभी तक नियमों की अवहेलना करने वाले 50 से अधिक वाहनों के चालान कट गए हैं। इससे पहले इस प्रकार के चालान पुलिस और विभागीय टीम की ओर से मैनुअल तरीके से किए जाते थे। परिवहन विभाग ने कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर सनवारा टोल गेट पर सीसीटीवी लगाए हैं। सीसीटीवी की फुटेज ऑनलाइन विभाग के कंट्रोल रूम में पहुंच रही है। परिवहन विभाग ने इसके लिए अलग से टीम तैनात की हैं। रात में अधिकतर अधूरे दस्तावेज के साथ आवाजाही करते हैं।
ऐसे कटेगा चालान
कॉमर्शियल वाहन चलाने वाले वाहन चालक यदि बिना परमिट गाड़ी चलाते हैं। तो सीसीटीवी वाहन में लगी रही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के स्कैनर से वाहन की डिटेल लेगा। इसमें ये पता लग जाएगा कि वाहन चालक के पास कौन सा अधूरा दस्तावेज है। इसके बाद ऑटोमैटिक तरीके से सिस्टम अवहेलना का पता लगा लेगा और तुरंत मैसेज भेज देगा। इस चालान को ऑनलाइन या विभागीय कार्यालय में जाकर भी भुगतान किया जा सकता है।
विभाग के पास रहेगा रिकॉर्ड
सीसीटीवी कैमरे का सभी रिकॉर्ड विभाग अपने पास रखेगा। किसी वाहन चालक का गलत चालान कट जाता है तो वे मुख्यालय में जाकर इसकी जांच भी करवा सकता है। हालांकि ऑनलाइन कार्य होने से गलती की आशंका काफी कम है। इससे यातायात नियमों की अवहेलना पर शिकंजा कसा जाएगा।
विभाग ने प्रदेश में नेशनल हाईवे पर सीसीटीवी से वाहनों की मॉनिटरिंग करनी शुरू कर दी है। यदि कोई वाहन चालक अधूरे दस्तावेज के साथ आवाजाही करता है तो सीसीटीवी के माध्यम से नंबर प्लेट स्कैन कर चालान हो रहा है। ऑनलाइन सिस्टम अधूरे दस्तावेज होने पर नियमानुसार चालान कर रहा है।- सुरेंद्र ठाकुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सोलन