सीआरपीएफ जवान को सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर उपमंडल के भौरा गांव के सीआरपीएफ के जवान रजत कटोच का उनके पैतृक गांव भौरा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जवान को सैकड़ों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। चेन्नई में सेवारत रजत का वीरवार को हृदयगति रुकने से देहांत हो गया था। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को परिवारजनों सहित विमान से ग्रुप सेंटर चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ से सीआरपीएफ की 13 बटालियन गार्ड की टुकड़ी के साथ पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में लाया गया।
मृतक अपने पीछे 29 वर्षीय पत्नी सीमा और माता को छोड़ गया है। मृतक जवान दो माह पूर्व ही अपनी माता और पत्नी को अपने साथ ड्यूटी वाले आवास पर ले कर गया था। वहीं, सप्ताह बाद भतीजी के प्रथम जन्मदिवस पर परिवार सहित घर आने वाले था, लेकिन हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। रजत के पिता इकबाल चंद कटोच की भी सीआरपीएफ में सेवाकाल के दौरान ही मौत हुई थी। उस दौरान रजत मात्र पांच वर्ष का ही था। पढ़ाई-लिखाई के साथ खेलकूद में सदा अव्वल रहने वाले रजत की डेढ़ वर्ष पहले ही दगोह की सीमा से शादी हुई थी। रजत के चचेरे भाई रगुविंद्र कटोच ने उनको मुखाग्नि दी।
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट मुनीश कौंडल ने डायरेक्टर जनरल सीआरपीएफ की तरफ से पुष्पांजलि चक्र अर्पित किया। वहीं, सीआरपीएफ की गार्ड टुकड़ी ने हवा में गोलियां दाग कर अंतिम सलामी दी और रजत के चाचा सुरिंद्र कटोच को राष्ट्रीय ध्वज देते हुए सांत्वना दी। पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष वीके शर्मा की तरफ से सहायक कमांडेंट केएल मनकोटिया, हरजीत और कुलतार ने पैरामिलिट्री सभी सदस्यों की तरफ से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, गणमान्य और सेना ओर पैरामिलिट्री के सेवानिवृत्त सदस्यों ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित कर अंतिम विदाई दी।