बर्खास्त करने से पहले कर्मचारी से जवाब मांगा जाता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की जेसीसी के तीस कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी में पेच फंस गया है। नियमानुसार किसी भी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले जवाब मांगा जाता है। इसके लिए बाकायदा शो कॉज नोटिस जारी होता है। कर्मचारी को चार्जशीट किया जाता है। जांच होती है।
आरोप सिद्ध होने पर पहले सस्पेंड किया जाता है, उसके बाद दोबारा नोटिस जारी कर बर्खास्तगी के आदेश होते हैं। लेकिन इन कर्मचारी नेताओं के मामले में इस प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया है। लिहाजा, परिवहन मंत्री के आदेशों के चार दिन बाद भी प्रबंधन इन पर अमल नहीं कर पा रहा है। अब निगम प्रबंधन मंगलवार को परिवहन मंत्री जीएस बाली से इस मसले पर चर्चा करेंगे।