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एचआरटीसी कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त करने में पेच

Mon, 20 Jun 2016 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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बर्खास्त करने से पहले कर्मचारी से जवाब मांगा जाता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम की जेसीसी के तीस कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी में पेच फंस गया है। नियमानुसार किसी भी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले जवाब मांगा जाता है। इसके लिए बाकायदा शो कॉज नोटिस जारी होता है। कर्मचारी को चार्जशीट किया जाता है। जांच होती है।
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आरोप सिद्ध होने पर पहले सस्पेंड किया जाता है, उसके बाद दोबारा नोटिस जारी कर बर्खास्तगी के आदेश होते हैं। लेकिन इन कर्मचारी नेताओं के मामले में इस प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया है। लिहाजा, परिवहन मंत्री के आदेशों के चार दिन बाद भी प्रबंधन इन पर अमल नहीं कर पा रहा है। अब निगम प्रबंधन मंगलवार को परिवहन मंत्री जीएस बाली से इस मसले पर चर्चा करेंगे।
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मंत्री ने 16 जून को ‌दिए थे बर्खास्त करने के आदेश

परिवहन मंत्री जीएस बाली
उधर, परिवहन मंत्री जीएस बाली ने 30 कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त न करने पर एचआरटीसी अधिकारियों से जवाब तलब कर लिया है। मंत्री ने 16 जून को हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन चार दिन बाद भी कर्मचारी नेता ड्यूटी दे रहे हैं। उन्हें अभी टर्मिनेशन लैटर ही नहीं मिले हैं। मंत्री ने इसका कारण पूछा है।

उल्लेखनीय है कि परिवहन कर्मचारी समन्वय समिति की हड़ताल पर हाईकोर्ट ने 13 जून को रोक लगा दी थी। इसके बावजूद 14 जून को कर्मचारियों ने बसें नहीं चलाईं। 15 जून को काम पर न लौटने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने 16 जून को एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति के 30 पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए।

कर्मचारी नेता आज हाईकोर्ट में रखेंगे पक्ष
हिमाचल हाईकोर्ट में सोमवार को एचआरटीसी कर्मचारी नेताओं के मसले पर सुनवाई होनी है। कर्मचारी नेताओं को भी अपना पक्ष रखना है। सूत्र बताते हैं कि रविवार को एचआरटीसी कर्मचारी नेताओं ने यह मामला वकीलों से भी डिस्कस किया है। ईडी परिवहन निगम मस्त राम ने बताया कि कर्मचारी नेताओं को नोटिस दिए गए हैं। अभी मामला परिवहन मंत्री के साथ डिस्कस होना है। Published by Arvind Thakur
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