शंकर सिंह ठाकुर एचआरटीसी शिमला डिपो में परिचालक हैं। वे परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। 30 मई को हमीरपुर डिपो की बस को चंडीगढ़ रूट पर जाते समय ऊना में फ्लाइंग स्क्वायड ने रोका था। चालक ने वर्दी नहीं पहनी थी। इसकी सूचना शंकर सिंह के पास पहुंची।
इसके बाद कर्मचारी नेता ने एचआरटीसी हमीरपुर के मंडलीय प्रबंधक को फोन पर धमकाया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। डीएम ने पुलिस थाना हमीरपुर में शंकर सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 506 के तहत केस दर्ज करवाया। वहीं, गत दिन सरकार ने हमीरपुर में मजदूर संघ की बैठक से एक दिन पहले डीएम दिलजीत सिंह का धर्मशाला के लिए तबादला कर दिया।
यह कहा कर्मचारी नेता ने- परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। हमीरपुर डिपो की कुछ महिला कर्मचारी शिमला में उन्हें मिली थीं।
उन्हें बताया गया कि ये दोनों महिला प्रशिक्षु ढाई माह कौशल विकास भत्ता योजना के तहत हमीरपुर में रखी गई थीं। बाद में इन्हें करीब तीन साल तक नहीं निकाला गया। साथ ही ये दोनों हमीरपुर के डीएम के निवास पर काम करती थीं।