परिवहन मंत्री जीएस बाली की ओर से लाई जा रही 300 नई बसें परिवहन निगम के कर्मचारियों को रास नहीं आ रही हैं। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने नई बसों का मामला निगम प्रबंधन से उठाया है। इसमें समिति ने पहले बसें चलाने के लिए स्टाफ रखने और फिर नई बसें खरीदने की नसीहत दी। हालत यह है कि परिवहन निगम के बेड़े में बिना स्टाफ के दर्जनों बसें खड़ी हैं।
ऐसे में समिति ने निगम प्रबंधन के समक्ष चालक और परिचालकों की भर्ती का प्रस्ताव रखा है। इसमें समिति ने कहा कि एचआरटीसी को बसें नहीं, स्टाफ चाहिए। परिवहन निगम में 600 परिचालक और साढ़े तीन सौ के करीब परिचालकों की जरूरत है। स्टाफ की कमी के चलते जहां चालकों और परिचालकों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिल रहे हैं वहीं 8 घंटे के बजाय ये 12 घंटे सेवाएं दे रहे हैं।
परिवहन निगम के बेड़े में दर्जनों बसें स्टाफ की कमी के कारण खड़ी हैं। संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खमेंद्र गुप्ता और तकनीकी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि निगम प्रबंधन से नई बसों की खरीदारी का मामला पेंडिंग में रखने को कहा गया है। इसमें प्रबंधन से आग्रह किया गया है कि जब तक परिवहन निगम को स्टाफ नहीं मिल जाता तब तक यह मामला लंबित रखा जाएं।
एचआरटीसी के ईडी रामकुमार गौतम का कहना है कि एचआरटीसी की संयुक्त समन्वय समिति के प्रस्ताव को एग्जामिन किया जाएगा। जहां तक बसों का सवाल है, निगम के बेड़े में पुरानी बसों को रोड से हटाया जा रहा है। ऐसे में नई बसों की खरीदारी की जा रही है। नई बसें आएंगी तो निगम में स्टाफ भी भरा जाएगा।