एचआरटीसी की बसों को चलाने का जिम्मा अनुबंध आधार पर तैनात चालक-परिचालक व नए कर्मचारियों पर है। जिन कर्मचारियों की नौकरी 20 व इससे अधिक साल की हो गई है, वे जुगाड़ लगातार दफ्तरों में बैठे हैं। इनकी संख्या दो सौ के करीब है। जो फील्ड में सेवाएं नहीं देगा, सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
छोटे रूटों पर दौड़ेंगी छोटी बसें
शहरी क्षेत्रों में एचआरटीसी की बड़ी बसें नहीं दौड़ेंगी। इन रूटों पर निगम छोटी बसें चलाएगा। यह इसलिए ताकि जाम न लग सके।
व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए होगी लिखित और मौखिक परीक्षा
हिमाचल में व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए अब लिखित और प्रैक्टीकल परीक्षा देनी पड़ेगी। हिमाचल में 266 ड्राइविंग स्कूल हैं, जहां लोग ड्राइविंग सीखते हैं। सरकार की ओर से यह व्यवस्था की जा रही है कि स्कूल मालिकों के पास अब अपना भवन होना चाहिए।
प्रैक्टीकल के लिए 7 से 8 गाड़ियां, क्लास रूम, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हों आदि की व्यवस्था होना अनिवार्य किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि यह परीक्षा न तो परिवहन विभाग लेगा और न ही ड्राइविंग स्कूल का मालिक। थर्ड पार्टी अभ्यर्थियों की लिखित और प्रैक्टीकल परीक्षा लेगी।