इसके अलावा नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में जहां आधार वर्ष 2015-16 में शिशु मृत्यु दर 1000 शिशुओं पर 19 थी, वहीं यह संदर्भ वर्ष 2017-18 में घटकर 16 रह गई है। पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु दर भी जहां पहले 33 थी, अब यह 27 रह गई है। आधार वर्ष 2015-16 में जहां एक हजार लड़कों पर 924 लड़कियां पैदा हो रही थीं, वहीं संदर्भ वर्ष 2017-18 में सात लड़कियों की गिरावट दर्ज की गई है। यह लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 917 लड़कियों का रह गया है।
लिंग की जांच पर सजा का प्रावधान
सरकार ने लिंग की जांच कराने पर क्लीनिक मालिक और लोगों के लिए सजा का प्रावधान किया है। पूर्व में कई निजी क्लीनिकों में लिंग की जांच भी हुई। इसमें सरकार ने मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग समय समय पर अभियान चला रहा है। इसके चलते विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों में छापेमारी भी की है।