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नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा, हिमाचल में अब कम जन्म ले रहे बच्चे

Fri, 28 Jun 2019 01:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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newborn baby - फोटो : social media
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हिमाचल प्रदेश में अब बच्चे पहले से कम जन्म ले रहे हैं। बच्चों के जन्म में बीते तीन सालों में करीब चार फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। नीति आयोग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। वर्ष 2017-18 में जहां शिशु जन्म दर 89.20 प्रतिशत थी, वहीं अब इसमें लगभग चार फीसदी की गिरावट आई है। इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में प्रति परिवार एक या दो बच्चे ही पैदा किए जा रहे हैं। 

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नीति आयोग ने रजिस्ट्रेशन (सीआरएस) का उल्लेख करते हुए कहा है वर्ष 2017-18 के ओवर ऑल इंडिकेटर परफार्मेंस के तहत जन्म पंजीकरण स्तर की प्रतिशतता 89.20 फीसदी तक गिरी है। इसमें - 3.90 की गिरावट दर्ज की गई है।

नीति आयोग ने इस दर को इंप्रूव्ड श्रेणी में रखा है। रिपोर्ट के अनुसार पूर्ण टीकाकरण कवरेज में भी गिरावट दर्ज की गई है। इसे 79.37 प्रतिशत आंका गया है। इसमें तीन साल में - 15.85 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इसे चिंताजनक भी बताया गया है

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इसके अलावा नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में जहां आधार वर्ष 2015-16 में शिशु मृत्यु दर 1000 शिशुओं पर 19 थी, वहीं यह संदर्भ वर्ष 2017-18 में घटकर 16 रह गई है। पांच साल तक के बच्चों की मृत्यु दर भी जहां पहले 33 थी, अब यह 27 रह गई है। आधार वर्ष 2015-16 में जहां एक हजार लड़कों पर 924 लड़कियां पैदा हो रही थीं, वहीं संदर्भ वर्ष 2017-18 में सात लड़कियों की गिरावट दर्ज की गई है। यह लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 917 लड़कियों का रह गया है।  

लिंग की जांच पर सजा का प्रावधान
सरकार ने लिंग की जांच कराने पर क्लीनिक मालिक और लोगों के लिए सजा का प्रावधान किया है। पूर्व में कई निजी क्लीनिकों में लिंग की जांच भी हुई। इसमें सरकार ने मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग समय समय पर अभियान चला रहा है। इसके चलते विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों में छापेमारी भी की है। 
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