राजधानी से ऊपरी शिमला के लिए 24 रूट क्लब कर संचालित कर रहा एचआरटीसी
तीन रूटों पर एक ही बस की जा रही संचालित
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पीस मील वर्करों की हड़ताल के चलते शिमला जिले में बसों का संचालन प्रभावित होना शुरू हो गया है। खराब होने के कारण बसें वर्कशॉप में खड़ी हो रही हैं। रूटों पर रवाना करने के लिए बसों की किल्लत के चलते अब एचआरटीसी रूटों को क्लब कर बसों का संचालन कर रहा है। एक इलाके के दो या तीन रूटों पर एक ही बस को क्लब कर भेजा जा रहा है।
राजधानी से ऊपरी शिमला के लिए करीब 24 रूट क्लब कर संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन रूटों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। पीस मील वर्करों की हड़ताल के कारण रोजाना वर्कशॉप पहुंच रही 3 से 4 बसों में से एक या दो बस की ही मरम्मत हो पा रही है। निगम की तारादेवी और ढली वर्कशॉप में तैनात 80 फीसदी मैकेनिक पीसमील कर्मी हैं। तारादेवी वर्कशॉप में मरम्मत न होने के कारण आठ बसें खड़ी हो गई हैं। ढली वर्कशॉप में 17 बसें बिना मरम्मत खड़ी हैं। शिमला से ठियोग, कोटखाई और चौपाल रूटों पर बसें क्लब कर चलाई जा रही हैं।
क्लब कर संचालित किए
जा रहे कुछ रूट : विनोद
तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि पीस मील वर्करों की हड़ताल के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। ठियोग, कोटखाई, चौपाल के लिए कुछ रूटों पर बसें क्लब कर संचालित की जा रही हैं। नए रूट शुरू करने की भी तैयारी थी जिसे हड़ताल के कारण फिलहाल टाल दिया है। संचालन के लिए पूरी तरह फिट बसों को ही रूटों पर रवाना किया जा रहा है। बसों की मेजर रिपेयर न होने से समस्या पेश आ रही है।
नए रूट शुरू करने की तैयारी लटकी
नए कंडक्टरों की भर्ती के बाद एचआरटीसी नए रूट रिस्टोर करने की भी तैयारी कर रहा था लेकिन पीस मील वर्करों की हड़ताल के कारण खराब बसों की मरम्मत न होने के कारण इसे फिलहाल टाल दिया है। पीस मील वर्करों की हड़ताल खत्म होने के बाद ही अब नए रूट चलेंगे।