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एचआरटीसी बसें देरी से चलने से भड़के निजी बस चालक परिचालक

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निजी चालक यूनियन ने जताई आपत्ति
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बसों में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा से हादसों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला से साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एचआरटीसी की लोकल बसें समयसारिणी के अनुसार नहीं चल रहीं। आए दिन बसें आधे से पौने घंटे देरी से रूट पर रवाना हो रही हैं। देरी से चलने के कारण बसें वापस भी निर्धारित समय पर नहीं होती। देरी से आवाजाही के कारण निजी बसों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बसों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से हादसों का भी खतरा पैदा हो गया है।
पुराने बस अड्डे से बसें देरी से रूट पर रवाना हो रही हैं जिस कारण निगम की बसों और निजी बसों के बीच अंतर नहीं बच रहा। निजी बस चालकों का कहना है कि बिना समयसारिणी के चल रही एचआरटीसी बसों के चालक-परिचालकों से यदि बस की देरी का कारण पूछा जाए तो दो टूक जवाब मिलता है कि जब ड्यूटी लगेगी तभी गाड़ी जाएगी।
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निजी बस चालक परिचालक यूनियन के महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि पुराने बस अड्डे से शोघी-गरू रूट पर चलने वाली बस सुबह 8:00 बजे के स्थान पर 9:00 बजे रवाना हो रही है। शिमला मशोबरा घैणी 8:15 के स्थान 9:00 बजे भेजी जा रही है। शिमला शोघी हनुमान मंदिर 8:30 की जगह 8:54 बजे रवाना हो रही है। शिमला शोघी बाशा रूट पर बस 8:50 की जगह 9:15 बजे चल रही है। शिमला शोघी शीलगांव बस 9:05 की स्थान पर 9:20 पर चलाई जा रही है। शिमला शोघी रघाव बस 9:15 के स्थान पर 9:30 बजे चल रही है। शिमला घणाहट्टी सेदन का समय 8:00 बजे का है लेकिन बस 8:45 बजे भेजी जा रही है।
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ट्रैफिक जाम से हो रही दिक्कत : ठाकुर
पुराना बस अड्डा प्रभारी रामानंद ठाकुर ने कहा कि ट्रैफिक जाम से बसें देरी से पुराने बस अड्डे पहुंच रही हैं जिस कारण रूटों पर देरी से रवाना हो रही हैं। सोमवार को 103 टनल से पुराने बस अड्डे पहुंचने में बसों को 40 मिनट से अधिक का समय लग गया। बसें निर्धारित समय पर रूटों पर रवाना हों यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
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