रूसा ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रणाली और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को बुरी तरह से प्रभावित किया है। प्रथम सत्र का परिणाम घोषित करने के इंतजाम में जुटी परीक्षा शाखा पुराने सिस्टम में हुईं परीक्षाओं का परिणाम भी समय से नहीं निकाल पाई है।
हालांकि, नए परीक्षा नियंत्रक के पदभार संभालने पर पीजी की काउंसलिंग का परिणाम जल्द घोषित करने को बने छात्र संगठनों के दबाव पर फाइनल ईयर का परिणाम देर से ही सही घोषित तो हो गए, मगर द्वितीय वर्ष की बीए, बीकॉम और बीएससी की परीक्षाओं का परिणाम अभी नहीं आया है।
शिक्षा विभाग के तय शेड्यूल के मुताबिक अप्रैल में द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने वाले छात्रों को रोल ऑन पर फाइनल में न केवल प्रवेश दिया, बल्कि उनकी कक्षाएं चले भी डेढ़ माह से अधिक हो गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी साफ नहीं किया कि यह रुके परीक्षा परिणाम कब तक घोषित होंगे। ऐसे में कॉलेजों में फाइनल ईयर की कक्षाएं लगा रहे छात्र परेशान हैं। छात्र संगठन भी इस मामले पर चुप्पी साधे हैं। प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहे करीब 20 हजार छात्रों को परिणाम का बेसब्री से इंतजार है।
नया सिस्टम, स्टाफ की कमी कारण
रूसा का परिणाम तैयार करने को पहले से तैयारियां न किए जाने और समय से सॉफ्टवेयर तैयार न होने के साथ कॉलेजों से समय से आवश्यक जानकारी न मिलने से परिणाम आठ माह से लटका है। परीक्षा नियंत्रक का बदला जाना और स्टाफ की कमी भी देरी का कारण बना है।
अब तक घोषित हो जाते थे रिजल्ट
विश्वविद्यालय आज से पहले पुराने सिस्टम के तहत 15 जुलाई तक फाइनल और द्वितीय वर्ष का परिणाम घोषित कर देता था। द्वितीय वर्ष के तीनों संकाय के परिणाम अब तक विवि घोषित नहीं कर पाया है।
जल्द घोषित होंगे परिणाम : प्रो. कौशल
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि परिणाम घोषित करने में देरी हुई है। द्वितीय वर्ष का परिणाम तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। एक से डेढ़ सप्ताह में तीनों कक्षाओं का परिणाम घोषित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।