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Shimla News: पदोन्नति के लिए एचपीयू ने शिक्षकों से मूल्यांकन रिपोर्ट तलब

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कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत शिक्षकों को 10 जून तक जमा करवानी होगी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट
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विभागाध्यक्ष और निदेशक करेंगे दस्तावेजों का सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में लंबित कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के पदोन्नति मामलों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों के लिए रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा तय कर दी है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधिसूचना जारी कर सभी शिक्षकों को वार्षिक स्व: मूल्यांकन रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जमा करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय ने सभी वर्षों की रिपोर्टें 10 जून तक जमा करने के निर्देश दिए हैं। तय समय के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं करने वाले शिक्षकों के पदोन्नति लाभ रोके जा सकते हैं। प्रशासन ने कहा कि कई शिक्षकों ने अब तक जरूरी वार्षिक रिपोर्टें जमा नहीं की हैं। अधिसूचना के अनुसार शिक्षकों को अपने दावों के समर्थन में सभी वैध दस्तावेज संलग्न करने होंगे। संबंधित विभागाध्यक्ष और निदेशक को इन दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य रहेगा।
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यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन प्रणाली के तहत लागू है जिसमें अध्यापन, शोध कार्य, अकादमिक उपलब्धियां, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के आधार पर पदोन्नति तय होती है। एचपीयू में लंबित पदोन्नति मामलों को लेकर शिक्षक संगठन लगातार आवाज उठाते रहे हैं। हाल के महीनों में शिक्षकों ने आरोप लगाए थे कि वर्षों से पदोन्नति फाइलें लंबित पड़ी हैं और प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबित वार्षिक स्व: मूल्यांकन रिपोर्टें जमा करने के निर्देश जारी किए हैं।
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हर साल भरते हैं रिपोर्ट, होता कुछ नहीं : व्यास
हिमाचल प्रदेश विवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष नितिन व्यास ने बताया कि हर साल शिक्षक रिपोर्ट भरते हैं। पदोन्नति के लिए इंटरव्यू होता है तो उस समय विश्वविद्यालय कहता है कि प्रदेश सरकार ने इस पर रोक लगाई हुई है, वर्ष 2022 से यही हो रहा है। हिमाचल प्रदेश में पिछले कई महीनों से विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षकों के बीच पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर लगातार असंतोष देखा गया। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया था कि वर्षों से लंबित पदोन्नतियों के कारण शिक्षकों को आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान झेलना पड़ रहा है। शिमला में संयुक्त कार्रवाई समिति ने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी जबकि एचपीयू शिक्षक कल्याण संघ ने भी लंबित मामलों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इसी माह कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों ने हड़ताल कर पदोन्नति प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग उठाई। 15 मई को सभी कॉलेजों शिक्षकों का कहना था कि करीब साढ़े तीन वर्षों से प्रमोशन फाइलें लंबित पड़ी हैं।
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