अभी तक विवि ऑन स्क्रीन मूल्यांकन करवाकर सिर्फ दो विधि कोर्स के अंतिम सेमेस्टर के नतीजे ही घोषित कर पाया है। विवि के ईआरपी प्रोजेक्ट में किए जा रहे मूल्यांकन और बनाए जा रहे रिजल्ट की यह प्रक्रिया आम छात्रों के लिए परेशानी बन कर रह गई है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पीजी कोर्स के हजारों छात्र चार माह से परीक्षा परिणाम घोषित होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। 25 दिनों में ऑन स्क्रीन इवेल्यूएशन की नई तकनीक का प्रयोग कर रिजल्ट घोषित करने के विवि के दावे खोखले साबित हुए हैं। अभी तक विवि ऑन स्क्रीन मूल्यांकन करवाकर सिर्फ दो विधि कोर्स के अंतिम सेमेस्टर के नतीजे ही घोषित कर पाया है। विवि के ईआरपी प्रोजेक्ट में किए जा रहे मूल्यांकन और बनाए जा रहे रिजल्ट की यह प्रक्रिया आम छात्रों के लिए परेशानी बन कर रह गई है।
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नतीजे घोषित न होने से बहुत से छात्र आगे एमफिल और पीएचडी में प्रवेश लेने से भी वंचित रह रहे हैं। ऐसी ही एक छात्र ने विवि से 15 फरवरी तक एमएससी केमिस्ट्री के अंतिम सेमेस्टर का परिणाम घोषित करने की गुहार विवि से लगाई है। छात्र ने बताया कि उसने पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी में प्रवेश को परीक्षा दी थी। दिसंबर में इसका परिणाम आ चुका है। अब यूनिवर्सिटी ने 15 फरवरी तक पिछला रिजल्ट जमा करवाने की अंतिम मोहलत दी है। यदि 15 फरवरी तक रिजल्ट जमा न करवा पाया, तो उसका प्रवेश का मौका हाथ से निकल जाएगा। इसलिए छात्र ने विवि से जल्द नतीजे घोषित करने की मांग की है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि एमएससी डिग्री के अंतिम सेमेस्टर के नतीजों को जल्द से जल्द घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों का रिजल्ट के कारण नुकसान न हो इसको ध्यान में रखकर परिणाम तैयार किया जा रहा है, शेष सेमेस्टर के नतीजों को आने में समय लग सकता है।