हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों में 1 जनवरी से 18 फरवरी तक शीतकालीन अवकाश शुरू हो गया है। इसको देखते हुए विवि के मुख्य पुस्तकालय के खुलने और बंद रहने की टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है। विवि पुस्तकालय सुबह 10 से 5 बजे तक कार्यदिवस पर खुला रहेगा। छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय के रीडिंग हॉल एक और दो के अलावा प्राइवेट रीडिंग रूम को खुला रखे जाने की टाइमिंग भी कम कर सात बजे तक कर दी गई है। विवि के पुस्तकालय प्रभारी ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। सोमवार से नई व्यवस्था को लागू भी कर दिया है। यह 17 फरवरी तक लागू रहेगी।
शीतकालीन अवकाश : छात्रावासों में ठहरने की 210 विद्यार्थियों को मिली अनुमति
प्रदेश विश्वविद्यालय में 1 जनवरी से 18 फरवरी तक रहने वाले शैक्षणिक विभागों के शीतकालीन अवकाश एक जनवरी से शुरू हो गया है। इसको देखते हुए चीफ वार्डन कार्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने होंगे। इन छुट्टियों में छात्रावास में ठहरने के लिए आवेदन 369 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए थे। 114 छात्राओं और 96 छात्रों और शोधार्थियों को ही सर्दियों में छात्रावासों में ठहरने की अनुमति दी गई है। 210 विद्यार्थियों को ठोस वजह देने वालों को ही रहने की इजाजत दी गई है। चीफ वार्डन कार्यालय को मिले आवेदनों को लेकर सोमवार को चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया किए सिर्फ दो सौ विद्यार्थियों को आवेदन आने पर अनुमति दी गई है। इन छुट्टियों में छात्रों के छात्रावास शहीद भगत सिंह में मेस चलेगी। छात्राओं के लिए ईरावती, गार्गी, सरस्वती कन्या छात्रावासों में मेस की सुविधा रहेगी।
बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार छात्र-छात्राओं को छुट्टियों में आवंटित कमरे में खाना पकाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई छात्र खाना पकाते हुए पाया गया, तो उसका आवंटन तक रद्द किया जा सकता है। छात्रावासों में रहने वाले हर छात्र छात्रा को एडवांस में मेस के लिए दो हजार रुपये अदा करने होंगे और कंप्लसरी डाइट की शर्त को पूरा करना होगा। चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि पीजी परीक्षाएं समाप्त होने पर छात्रों को कमरे खाली करने होंगे। इन दो सौ विद्यार्थियों और शोधार्थियों को ही छात्रावास में ठहरने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 18 फरवरी तक लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि सर्दियों में छात्रावासों में रहने के लिए कुल 369 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, इनमें 203 छात्राएं और 166 छात्र शामिल थे। इनमें सिर्फ 114 छात्राओं और 96 छात्रों कुल 210 को अनुमति दी गई है।