विवि प्रशासन को पीजी में प्रवेश की प्रक्रिया के अंतिम क्षणों में गरीब सवर्ण छात्रों के लिए 10 सीटें हर विभाग में बढ़ाने का ख्याल आया। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों छात्रों को प्रवेश और भर्ती में आरक्षण दिए जाने के सरकार के एक साल पहले के फैसले को प्रशासन कैसे भूल गया।
अब सीट बढ़ाने और मेरिट के आधार पर प्रवेश का शेड्यूल एक साथ जारी कर महज रस्म अदा की गई। सही मायने में गरीब सवर्ण अपने बच्चों को विवि में प्रवेश दिलवाने के लिए आवेदन ही नहीं कर पाए। बार बार प्रवेश को ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई गई, मगर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को आवेदन करने का मौका नहीं दिया गया।
वीरवार को स्नातक अंतिम सेमेस्टर का परिणाम घोषित होते ही पीजी के करीब 40 विभागों में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। विभाग में सीट बढ़ाकर दस फीसदी आरक्षण देने की अधिसूचना अब जारी की जा रही है। यह महज एक औपचारिकता ही साबित होगी, इनके लिए बढ़ाई सीट खाली ही रहेगी।
पहले मौका मिलता, तो दाखिले का सपना होता साकार
विवि ने खाना पूर्ति को सीट बढ़ाकर इन सीट के लिए पहले से आवेदन कर चुके छात्रों को ईडब्लयूएस श्रेणी में आवेदन का मौका देने की बात की है, इसमें बहुत कम ऐसे होंगे जो ईडब्लयूएस की वार्षिक आय की शर्त को पूरा करते होंगे।
असल हकदारों को आवेदन का समय देने से ही होगा लाभ
शिमला। पहले से आवेदन कर चुके आवेदनकर्ताओं में पात्र छात्र शायद ही मिले। यदि इस श्रेणी की सीटें खाली रही तो इसके लिए विवि जिम्मेदार होगा।