यूजी : विद्यार्थियों के रोलनंबर जनरेट होने की प्रक्रिया शुरू
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की 28 मार्च से शुरू हो रही स्नातक डिग्री कोर्स के पहले, दूसरे और तृतीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए रोलनंबर जनरेट होने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शिमला के राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा, आरकेएमवी और संजौली सहित अन्य कॉलेजों ने यूजी छात्रों को रोलनंबर जनरेट होने में पेश आ रही समस्याओं के तुरंत निदान के लिए अलग से स्टाफ तैनात किया है। विश्वविद्यालय की बीए, बीएससी, बीकॉम, शास्त्री कोर्स की प्रदेश भर में विवि से संबद्ध कॉलेजों में बनाए गए 153 केंद्रों में करीब 85 हजार छात्र और छात्राएं अपीयर होंगे। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि 28 मार्च से शुरू हो रही परीक्षाओं की तैयारियां लगभग पूरी कर दी गई हैं। ड्यूटी स्टाफ सहित हर तरह की सामग्री परीक्षा केंद्रों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि तीनों वर्ष के विद्यार्थियों के रोलनंबर उनके लाग इन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध है। विद्यार्थी परीक्षा शुरू होने से पहले अपने रोलनंबर डाउनलोड कर इसे परीक्षा के रोज केंद्र जरूर लेकर आएं। बिना रोलनंबर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी। जिन विद्यार्थियों के ऑलनइन रोलनंबर जनरेट नहीं होंगे, वह तुरंत अपने कॉलेज में संपर्क करें और इंटरनल असेसमेंट, सीसीए अपलोड करवाने, प्राचार्य से उसकी वेरिफिकेशन को समय से करने के लिए कहें। उन्होंने साफ किया है कि 23 मार्च तक सभी कॉलेजों को हर छात्र के सीसीए, आईए अपलोड होने और प्राचार्य से वेरिफिकेशन होते ही ऑनलाइन छात्र का रोलनंबर जनरेट हो जाएगा, जिसे विद्यार्थी कभी भी डाउनलोड कर सकता है।
एचपीयू में 308 करोड़ का बजट किया पारित
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का वित्त वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट सोमवार को पारित हुआ। कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में विवि में हुई वित्त कमेटी की बैठक में नए वित्त वर्ष का 308 करोड़ का बजट प्रस्ताव को 34 करोड़ के घाटे के साथ सदस्यों ने पारित कर दिया। इस बजट में प्रदेश सरकार की ओर से बिना किसी बढ़ोतरी के 152 करोड़ का वार्षिक अनुदान नए वित्त वर्ष में मिलेगा, इसके अलावा विवि की अपने परीक्षा फीस जैसे स्रोतों से करीब सौ करोड़, अन्य आय स्रोतों करीब 274 करोड़ की आय होगी। कुल बजट 308 करोड़ का है। विवि कर्मचारियों के वेतन, बकाया एरियर सहित अन्य देनदारियों को चुकाने के लिए विवि को प्रदेश सरकार से अतिरिक्त सहायता अनुदान की आस रहेगी। विवि को 2022-23 में 145 से बढ़ाकर 152 करोड़ का सहायता अनुदान मिला था। इसके बाद दो सालों से विवि के सहायता अनुदान में कोई वृद्धि नहीं हुई है। बजट पारित करने को हुई इस बैठक में विवि के वित्त अधिकारी पीसी जसवाल के अलावा सरकारी ओर से प्रधान वित्त सचिव दिवेश कुमार, प्रो. श्याम लाल कौशल सहित अन्य सदस्य माैजूद रहे। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने विवि को शार्ट टर्म और लांग टर्म वित्तीय योजनाओं को बनाने और अपने आय स्रोत से आए बढ़ाने पर विचार कर आगे बढ़ने को कहा, जिससे विवि की वित्तीय स्थिति में सुधार हो।