हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की शनिवार को हुई बैठक में शैक्षणिक परिषद की स्थायी समिति की ओर से पारित किए सभी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ईसी ने पीएचडी में प्रवेश के लिए यूजीसी के तय मानकों के अनुसार बनाए गए नियमों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके अनुसार अब विवि में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ही पीएचडी में प्रवेश मिलेगा। इसमें लिखित परीक्षा के प्राप्तांक में से 80 और शेष 20 अंक शैक्षणिक उपलब्धियों में से मिलेंगे। हालांकि, जून में होने वाली पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया में यूजीसी के नियमों के तहत राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप पाने वालों को ही प्रवेश मिलता रहेगा। बैठक में सत्र 2022-23 से स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स में लागू किए सीबीसीएस को विश्वविद्यालय के अध्यादेश में शामिल करने और इसी के अनुरूप छात्रों का मूल्यांकन कर डिग्री प्रदान की जाएगी।
इस दौरान ललित कला की 4 वर्षीय स्नातक डिग्री को अन्य स्नातक डिग्री कोर्स की तर्ज पर अधिकतम समय सीमा छह वर्ष करने को मंजूरी प्रदान की गई। 2 से 4 नवंबर तक यूजीसी नैक टीम के दौरे के बाद विवि के बरक रार रहे ए ग्रेड की रिपोर्ट को भी रखा गया। ईसी ने बी वॉक के विद्यार्थियों की लेट फीस को माफ किए जाने के शैक्षणिक परिषद से पास प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। ईसी में इक्डोल में शास्त्री कोर्स को शुरू किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। वहीं, संस्कृत कॉलेजों और संस्कृत विभाग में कर्मकांड की पढ़ाई शुरू करने पर चर्चा की गई। इक्डोल के प्रोफेसर को आरडीसी (रिसर्च एंड डेवलपमेंट कमेटी) का सदस्य बनाए जाने का निर्णय लिया गया।