कोरोना संकट के बीच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक और झटका लगने जा रहा है। नए बिजली कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि में कुछ कमी करने के साथ-साथ बिजली खपत के हिसाब से मीटर की सिक्योरिटी राशि तय करने का फैसला भी लिया है। पुराने कनेक्शनधारकों की एक साल और नए की छह से नौ माह बाद समीक्षा होगी। उपभोक्ताओं के औसत बिल के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय की जाएगी।
सिक्योरिटी राशि और एवरेज बिजली बिल के बीच 500 रुपये का अंतर होने पर सिक्योरिटी राशि नहीं बढ़ेगी। इससे अधिक अंतर मिलने पर राशि बढ़ेगी। इस नियम से तय होने वाली नई सिक्योरिटी राशि को तीन किस्तों में बिजली बिल में वसूला जाएगा। विद्युत नियामक आयोग ने इसको लेकर जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। एक माह के बाद इसे अधिसूचित किया जाएगा। अभी जितना उपभोक्ता ने बिजली लोड स्वीकृत करवाया होता है, उसी आधार पर उससे सिक्योरिटी राशि ली जाती है। नई व्यवस्था के तहत खपत के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय होगी।