बिजली बोर्ड ने 8403 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च होने का हवाला देते हुए आयोग के पास याचिका दायर की थी। आयोग ने बोर्ड की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश में बिजली की सप्लाई की औसत 6.76 पैसे प्रति यूनिट तय की है। आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं के एक स्लैब को खत्म कर दिया है। पहले 126 से 300 और 300 यूनिट से अधिक के दो स्लैब होते थे। इन्हें मर्ज करते हुए 126 से अधिक खपत का एक ही स्लैब बना दिया है।
अब शून्य से 125 और 126 से अधिक के दो ही स्लैब में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें होंगी। इन सभी स्लैब में सरकार पहले सब्सिडी देकर बिजली दरों को सस्ती करती थी। इस बार आयोग की ओर से जारी दरों में सब्सिडी का कोई भी उल्लेख नहीं किया गया है। 125 यूनिट से कम खपत वाले उपभोक्ताओं से अभी तक बिल वसूली नहीं होती है। शुक्रवार को जारी हुई नई दरों में निशुल्क बिजली देने का भी कोई उल्लेख नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी सभी बिजली कनेक्शनों पर मिलेगी या एक कनेक्शन पर, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
श्रेणी स्लैब प्रति यूनिट टैरिफ प्रति यूनिट
घरेलू उपभोक्ता 0-60 4.72 रुपये
0-125 5.45 रुपये
126 से अधिक 5.90 रुपये
कृषि उपभोक्ता 0-20 केवीए 5.04 रुपये
गैर घरेलू 0-20 केवीए 6.38 रुपये
गैर व्यावसायिक 20 केवीए से ऊपर 6.12 रुपये
व्यावसायिक 0-20 केवीए 6.40
छोटे उद्योग 20-100 केवीए 5.61
मध्यम उद्योग 51-100 केवीए 5.61
बड़े उद्योग 66 केवी से अधिक 5.56