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विधानसभा प्रश्नकाल: सीएम सुक्खू बोले- मेट्रोपोल भवन अनसेफ घोषित, विधायकों- कर्मियों को आवास न किए जाएं अलॉट

Fri, 28 Mar 2025 09:15 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

मेट्रोपोल भवन अब किसी को आवंटित नहीं होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायक भवन मेट्रोपोल को अनसेफ घोषित कर दिया गया है।  पढ़ें पूरी खबर...
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सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायक भवन मेट्रोपोल को अनसेफ घोषित कर दिया गया है। यहां विधानसभा सचिवालय की ओर से विधायकों और कर्मचारियों को आवास आवंटित न किए जाएं। अगर कोई घटना हुई तो विस सचिवालय जिम्मेवार होगा। मुख्यमंत्री कहा कि दो माह के भीतर मेट्रोपोल भवन को पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा। नया भवन बनाने को 38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 100 करोड़ और भी खर्च करने पड़ेंगे तो करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रोपोल से मकान शिफ्ट करने को 10 से 15 हजार रुपये आवास किराया देने की योजना भी बनाई गई है।

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भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सचिवालय के पास अगर कहीं जमीन है तो हमें जानकारी दें। सरकार वहां भवन बनाएगी। नए भवन में चार कमरों के फ्लैट बनाए जाएंगे। वाहन पार्किंग भी भवन के अंदर ही बनाई जाएगी। मेट्रोपोल में रह रहे कर्मचारियों को अन्य जगह आवास आवंटित किए जाएंगे। उनके लिए आवास किराया 10,000 से 15,000 रुपये तक प्रदान करने की भी योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्कुलर रोड़ शिमला को चौड़ा करने के लिए भू अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी। उन्होंने कहा कि सर्कुलर रोड के किनारे काफी अधिक भवन हैं। इनके कारण ट्रैफिक बढ़ रहा है। सड़क को चौड़ा करने का फैसला लिया गया है। सीएम ने कहा कि विभागाध्यक्ष और उपायुक्त अपने विभागों और जिलों में पुराने और सरकारी भवनों को असुरक्षित करने के लिए खुद कार्रवाई कर सकते हैं। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ओर से सर्वेक्षण रिपोर्ट को स्वीकृत करना होता है।

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दो साल में 232 भवन असुरक्षित
सीएम ने कहा कि सरकार ने पिछले दो सालों में राज्यभर में 232 सरकारी कार्यालयों और सरकारी आवास भवनों को असुरक्षित घोषित कर इन्हें खाली करवाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिमला और चंबा जिलों में 135 हैरीटेज भवन घोषित किए हैं। जिलों में असुरक्षित घोषित किए गए भवनों को गिराने के लिए विभागाध्यक्ष और डीसी अधिकृत किए गए हैं और वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुराने असुरक्षित भवनों को खुले बाजार में नीलामी प्रक्रिया से ढहाया जाता है।

अलॉटमेंट कमेटी में विधानसभा सचिव को किया जाए शामिल
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जिस प्रकार से सामान्य प्रशासन विभाग की आवास अलॉटमेंट कमेटी में हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को शामिल किया गया है, उसी तरह प्रदेश विधानसभा के सचिव को भी कमेटी में जगह मिलनी चाहिए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अब हाईकोर्ट ने तो स्वयं भी अलॉटमेंट करना शुरू कर दिया है। बीते दिनों कुछ मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों की कोठियों को कोर्ट ने अलॉट कर दिया। हाईकोर्ट प्रशासन से बात करने के बाद मामला हल हुआ।
 
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