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हिमाचल: भेड़पालक का बेटा बना सहायक प्रोफेसर, कॉलेज में पढ़ाएंगे हिंदी विषय

Sat, 24 Jun 2023 10:10 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज़ एजेंसी, शाहपुर (कांगड़ा)/कुल्लू/जंजैहली(मंडी)

सार

कांगड़ा जिले के शाहपुर की ग्राम पंचायत रुलहेड मोरछ (बोह) गांव निवासी भेड़पालक ठेका राम के बेटे ऋषभ जरयाल हिंदी विषय में सहायक प्रोफेसर बने हैं। 
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भेड़पालक का बेटा बना सहायक प्रोफेसर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर की ग्राम पंचायत रुलहेड मोरछ (बोह) गांव निवासी भेड़पालक ठेका राम के बेटे ऋषभ जरयाल हिंदी विषय में सहायक प्रोफेसर बने हैं। अब ऋषभ महाविद्यालय में सेवाएं देंगे। ऋषभ के प्रोफेसर बनने से गांव मोरछ में खुशी का माहौल है। ऋषभ जरियाल ने कॉलेज कैडर के लिए वर्ष 2022 में राज्य लोकसेवा आयोग का टेस्ट दिया था और जून के अंतिम दिनों में साक्षात्कार हुए थे। 23 जून को राज्य लोकसेवा आयोग की ओर से घोषित परिणाम में उनका चयन सहायक प्रोफेसर हिंदी विभाग कॉलेज कैडर में हुआ है। ऋषभ ने पांचवीं तक की शिक्षा प्राथमिक स्कूल मोरछ और 12वीं तक की शिक्षा सीनियर सेकेंडरी स्कूल शाहपुर में पूरी की।

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राजकीय महाविद्यालय शाहपुर से स्नातक और 2018 से 2020 तक पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से हिंदी विभाग में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। 2020 से 2022 में बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) हरियाणा से की है। एमए की पढ़ाई के दौरान 2019 में नेट, सेट की परीक्षा भी पहली बार में पास कर ली थी। अभी पंजाब यूनिवर्सिटी से हिंदी विषय में पीएचडी कर रहे हैं। ऋषभ ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और राजकीय महाविद्यालय से हिंदी विभाग में बतौर सहायक प्रोफेसर प्रो. आशा शर्मा और प्रोफेसर मुकेश कुमार को दिया है।

जंजैहली की सुनीता और मोहर सिंह बने सहायक प्रोफेसर

सुनीता कुमारी व मोहर सिंह - फोटो : संवाद
जंजैहली के दो युवा हिंदी के सहायक प्रोफेसर बने हैं। मोहर सिंह जंजैहली के घाटाधार गांव के हैं। जबकि सुनीता कुमारी जंजैहली के झनोट गांव की रहने वाली हैं। मोहर सिंह ने अपनी पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जरोल से की। कॉलेज की पढ़ाई लंबाथाच काॅलेज से की है। मोहर सिंह के पिता एक किसान हैं, जो खेतीबाड़ी के साथ-साथ मिस्त्री का भी काम करते हैं।

माता-पिता ने कड़ी मेहनत के चलते अपने बेटे को पढ़ाया है। सुनीता कुमारी के माता-पिता भी किसान हैं जो खेतीबाड़ी कर गुजर-बसर करते हैं। कड़ी मेहनत करने के बाद सुनीता ने सहायक प्रोफेसर बनकर लक्ष्य हासिल किया है। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को दिया है।
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किसान की बेटी ने उत्तीर्ण की लोक सेवा आयोग परीक्षा

दीपा कुमारी - फोटो : संवाद
 हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सहायक प्रोफेसर की परीक्षा का परिणाम घोषित किया है। जिला कुल्लू की दीपा कुमारी परीक्षा उत्तीर्ण कर हिंदी की सहायक प्रोफेसर बनी हैं। बता दें कि लोक सेवा आयोग ने नवंबर 2022 में यह परीक्षा करवाई थी, जिसका परिणाम 23 जून 2023 को घोषित किया गया है। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ महाराजा घाटी के गांव पचाहली की दीपा कुमारी ने परीक्षा को उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। उनके पिता टिकम चंद किसान और माता कली देवी गृहिणी है।

दीपा कुमारी ने कहा कि उन्होंने लोक सेवा आयोग द्वारा करवाई गई इस परीक्षा को पहली बार में ही उत्तीर्ण किया है। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त पढ़ाई भी नहीं की है। उन्होंने शिमला में रहते हुए ही परीक्षा की तैयारी की। वहीं, उन्होंने कुल्लू में शनिवार को सीपीएस सुधर सिंह ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की। सीपीएस ने उन्हें इस उपलब्धी पर बधाई दी है।
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