हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग
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हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश के एक निजी कॉलेज की संबद्धता खत्म करने की सिफारिश की है। आयोग ने प्रदेश के जिला सोलन के कॉलेज प्रबंधन को तीन बार तलब किया था, जब प्रबंधन आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ तो यह कदम उठाने के फरमान जारी किए हैं। आयोग प्रदेश के निजी कॉलेजों की व्यवस्था और चलाए जा रहे कोर्सों को लेकर जांच कर रहा है।
अभी तक करीब एक दर्जन से अधिक कॉलेजों की जांच की जा चुकी है। इस दौरान अगर कोई खामी पाई जा रही है तो संबंधित कॉलेजों के प्रबंधनों से उनका पक्ष जाना जा रहा है। सोलन जिले के निजी कॉलेज में भी कई खामियां पाई गई हैं। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन को आयोग के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। आयोग के तीन बार बुलाने के बाद भी प्रबंधन जब प्रस्तुत नहीं हुआ तो आयोग ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा है कि उक्त कॉलेज की संबद्धता खत्म की जाए। इस संबंध में आयोग ने एक पत्र भी जारी किया है।
बताते हैं कि इस निजी कॉलेज में बुनियादी ढांचा तक तैयार नहीं है। कॉलेज में पढ़ाए जा रहे कोर्स की मंजूरी तक नहीं ली गई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कोर्सों की अवधि चार साल की निर्धारित की है और इसे तीन साल में कराया जाता रहा। इसके अतिरिक्त कॉलेज प्रबंधन नियमों कायदों को दरकिनार कर ही चलाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौैशिक कहते हैं कि हिमाचल विवि प्रबंधन को पत्र भेज कर जिला सोलन के एक कालेज की संबद्धता खत्म करने को कहा है। हिमाचल विवि प्रबंधन को इस संबंध में कार्रवाई करने को पत्र भी भेज दिया है। उक्त कॉलेज में नियमों और कायदों का उल्लंघन किया गया है। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन को तीन बार आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने का कहा था। प्रबंधन के न आने के बाद संबद्धता खत्म करने को लिखा है।