निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक
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प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के बाद अब निजी कोचिंग संस्थान भी अब विनियामक आयोग के रडार पर आ गए हैं। कोचिंग संस्थानों में ली जा रही फीस, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं, आधारभूत ढांचे और संस्थान खोलने के लिए ली गई मंजूरियों की पड़ताल शुरू होने वाली है। निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि कई कोचिंग संस्थानों की उनके पास शिकायतें आई हैं। जल्द ही आयोग की ओर से टीमें गठित कर इनकी जांच की जाएगी।
बुधवार को शिमला में प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें अध्यक्ष बने हुए एक वर्ष तीन माह पूरे हो गए हैं। इस दौरान निजी विश्वविद्यालयों से अयोग्य कुलपतियों की छुट्टी की गई। आयोग की अदालत ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुए सौ मामलों का निपटारा किया है। शिक्षकों के रुके वेतन बहाल करवाए। विद्यार्थियों को सिक्योरिटी राशि वापस दिलाई। प्रदेश से विद्यार्थियों का पलायन रोकने के लिए सख्ती की गई। अब हालात कुछ ठीक हो गए हैं। गुणात्मक शिक्षा के लिए यह कदम उठाने पड़े हैं। इसी कड़ी में अब कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी।
वर्ष 2025 तक ईको फ्रेंडली बनाए जाएंगे निजी विश्वविद्यालय
हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों को वर्ष 2025 ईको फ्रेंडली बनाया जाएगा। जीरो कार्बन उत्सर्जन करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके तहत निजी विश्वविद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्लास्टिक के सामान प्रतिबंधित किए जाएंगे। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि 21 विभिन्न बिंदुओं पर इसके तहत कार्य किया जाएगा।
10 निजी नर्सिंग संस्थानों से रिकॉर्ड लेने जाएंगी कमेटियां
48 निजी नर्सिंग संस्थानों के खिलाफ चल रही जांच में भी आयोग ने तेजी ला दी है। 38 संस्थानों का रिकॉर्ड आयोग के पास पहुंच गया है। 10 संस्थान रिकॉर्ड देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में आयोग ने इन संस्थानों में कमेटियां भेजकर रिकॉर्ड लेने का फैसला लिया है। नर्सिंग संस्थानों को जारी एनओसी, पंजीकृत विद्यार्थियों और शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है।