हिमाचल कांग्रेस में अंदरूनी घमासान के बीच प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव फिलहाल टल गए हैं। अब चुनाव का शेड्यूल नए सिरे से तय होगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के दिल्ली से लौटते ही चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान ने इसकी सूचना प्रदेश कांग्रेस इकाई को दे दी है।
इसकी वजह प्रदेश के कई प्रभावशाली नेताओं का हस्तक्षेप माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रदेश में पार्टी के हालात पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। वह पिछले दिनों भी कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से मिलकर पार्टी के विभिन्न मसलों पर बात रख चुके हैं। पार्टी के अन्य धड़ों के कई नेता भी आलाकमान से लगातार संपर्क में हैं। सीएम बार-बार पूर्व के चुनाव का हवाला देकर पारदर्शिता रखने की बात कर चुके हैं।
इस बार कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक चुनाव अहम हैं। बूथ, ब्लॉक, जिला और संसदीय क्षेत्रों की इकाइयों के प्रमुखों से लेकर पार्टी अध्यक्ष का भी चयन किया जाना है। संगठनात्मक चुनाव से पहले ही प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग धड़े इसमें अपने लोगों को शुमार करने की जुगत में हैं।
मुख्यमंत्री के नजदीकी नेता चाहते हैं कि उनके पसंदीदा लोग ही पार्टी में नीचे से ऊपरी स्तर तक आसीन हों। दूसरी ओर सीएम का विरोधी धड़ा भी अपने लोगों को फिट करने में जुटा है। ढाई साल बाद विधानसभा के चुनाव में भी उम्मीदवारों के टिकट तय करने में पार्टी अध्यक्ष की अहम भूमिका रहेगी। इसी कारण पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी पर भी बहुत नेताओं की नजरें हैं।