इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दिवाली के अवसर पर सूबे के हजारों विद्यार्थियों को तोहफा दिया है। इस तोहफे के तहत अब उनसे एक ही प्रश्नपत्र में अंकित प्रश्नों को अलग-अलग तीन सीरीज में पूछा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शिक्षा बोर्ड अगले शैक्षणिक सत्र से चौथी से लेकर छठी कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकों भी बदलाव करेगा। शिक्षा बोर्ड चौथी से लेकर छठी कक्षा तक अब सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों को ही शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त स्कूलों में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई के पाठ्यक्रम में कोई अंतर ही न रहे।
बोर्ड ने प्रश्नपत्र बैंक को भी तैयार किया
उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड ने प्रश्नपत्र बैंक को भी तैयार किया है। इस प्रश्नपत्र बैंक में अध्याय के अधार पर प्रश्नों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र बैंक से विद्यार्थी अच्छी तरह से परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं का एक वर्ष तक सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेगा, ताकि किसी भी जरूरत में उसे प्रयोग में लाया जा सके। वहीं उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दिवाली के अवसर पर बोर्ड के कर्मचारियों को डीए की लंबित किस्त भी जारी कर दी है, जोकि बोर्ड कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा है।
परीक्षार्थी उठाते हैं सवाल
उल्लेखनीय है कि बोर्ड की ओर से ए, बी और सी सीरीज में प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों को उपलब्ध करवाए जाते हैं। इस दौरान हर सीरीज के प्रश्नपत्र में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाते थे। इससे कई बार किसी सीरीज के परीक्षार्थी को बहुत ही कठिन प्रश्नपत्र मिल जाता था, तो किसी सीरीज के परीक्षार्थी को प्रश्नपत्र आसान लगता था। इससे कई छात्र मायूस होते थे। विद्यार्थियों की इसी मायूसी को दूर करने के लिए शिक्षा बोर्ड ने अब एक ही प्रश्नपत्र के प्रश्नों को ए,बी और सी सीरीज में अलग-अलग करके जंबल तरीके से पूछेगा। इससे विद्यार्थियों को समान अवसर व प्रतिस्पर्धा का माैका मिलेगा।