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परिणाम निकालने में कोई जल्दबाजी नहीं: डॉ. सुरेश

Wed, 06 Mar 2019 01:05 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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सख्ती के बजाय नरमी के अस्त्र के सहारे वार्षिक परीक्षाओं के सफल संचालन का बीड़ा उठाने शिक्षा बोर्ड ने इस बार नई कवायद शुरू की है। अध्यापकों पर पूरा विश्वास जताकर शिक्षा बोर्ड ने तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे के सहारे परीक्षाओं के पारदर्शी संचालन की उम्मीद जताई है।

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हाल ही में शिक्षा बोर्ड की बागडोर थामने वाले अध्यक्ष डॉ सुरेश सोनी ने अमर उजाला के संवाददाता राकेश भारद्वाज से विशेष बातचीत के दौरान वार्षिक परीक्षाओं के संचालन से लेकर परिणाम घोषित करने तक का रोडमैप साझा किया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश :

इस बार वार्षिक परीक्षा के संचालन में नया क्या होगा?

प्रश्न: इस बार वार्षिक परीक्षा के संचालन में नया क्या होगा?
उत्तर: वार्षिक परीक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षा बोर्ड में नई शुरुआत हुई है। पहली बार महिला परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए। उड़नदस्तों के गठन के लिए नीति बनी। परीक्षा से पहले शिक्षा मंत्री की अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग और सभी जिलों में बैठकें कर अध्यापकों के सुझाव पहली बार मांगे गए। 

प्रश्न: स्कूलों में नकल रोकने के लिए क्या रोडमैप है।
उत्तर: नकल रोकने के लिए सीसीटीवी की बजाए अध्यापकों के विश्वास पर ज्यादा फोक्स किया गया है। बोर्ड और शिक्षा विभाग के अलावा जिला के एडीएम और एसडीएम नोडल अधिकारी बनाए गए हैं जो परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। परीक्षा ड्यूटी के अलावा सीसीटीवी फुटेज पर एक अध्यापक हमेशा नजर रखेगा, जो परीक्षा केंद्र की गतिविधियों को जांचेगा। बोर्ड के कंट्रोल रूम में भी सीसीटीवी के आईपी एड्रेस के माध्यम से नजर रखी जाएगी।

संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों में क्या प्रबंध हैं?

प्रश्न: संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों में क्या प्रबंध हैं?
उत्तर: बोर्ड ने पहली बार किसी भी परीक्षा केंद्र को नकल की दृष्टि से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों में नहीं बांटा है। जिस परीक्षा केंद्र से ज्यादा नकल की शिकायत आएगी, उस परीक्षा केंद्र को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा।

प्रश्न: वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने में कोई रिकॉर्ड बनाना लक्ष्य रहेगा?
उत्तर: पूर्व में परीक्षा परिणाम में रिकॉर्ड बनाने के चक्कर में गई गलतियां परिणामों में सामने आई। परिणाम घोषित करने में बोर्ड का कोई भी रिकॉर्ड बनाना लक्ष्य नहीं रहेगा। त्रुटिपूर्णरहित और जल्द परिणाम घोषित करना लक्ष्य है। इसके लिए मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 30 से बढ़ाकर 53 कर दी है। 

प्रश्न: वेबसाइट में मेधावी बच्चों की फोटो लगाने की योजना कहां तक पहुंची?
उत्तर: तकनीकी पक्षों को देखते हुए सभी कक्षाओं और संकायों के टॉप-थ्री बच्चों की फोटो वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
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अध्यापकों के मेहनताने की शिकायत कैसे सुलझेगी?

प्रश्न: अध्यापकों के मेहनताने की शिकायत कैसे सुलझेगी?
उत्तर: अध्यापकों को बोर्ड ने ड्यूटी से पहले ही उनके खातों में टीएडीए की राशि डाल दी है। बोर्ड ने दो करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान एडवांस में कर दिया है। मूल्यांकन में लगने वाले अध्यापकों को भी मूल्यांकन कार्य खत्म होने पर दो दिन के अंदर भुगतान सुनिश्चित करवाया जाएगा।

प्रश्न: बच्चों और अभिभावकों को आपका कोई संदेश?
उत्तर: परीक्षा में अंकों का ज्यादा बोलबाला हो गया है। पढ़ाई का लक्ष्य ही अंक हासिल करना रह गया है। अभिभावकों से आग्रह है कि बच्चों को अंकों के पीछे न दौड़ाकर उनके व्यक्तित्व के निर्माण की ओर ध्यान दें। 

प्रदेश भर में 1980 परीक्षा केंद्रों में परीक्षाएं होंगी। इसमें 45 परीक्षा केंद्र सावित्री बाई फुले होंगे, जहां पर अधीक्षक और उपाधीक्षक महिलाएं ही होंगी। इन परीक्षा केंद्रों में सुबह के सत्र में ही परीक्षाएं होंगी।

दसवीं की नियमित परीक्षाओं में करीब 111977, जमा दो में 95497 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। एसओएस से 10414 दसवीं, 17419 परीक्षार्थी जमा दो और आठवीं की परीक्षा 321 परीक्षार्थी देंगे।
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