हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सुबह 11:00 बजे शुरू हो गया है। सत्र का समापन 31 अगस्त को होगा। इसमें सात बैठकें होंगी। इस बार सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। काफी समय से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के बीच तीखी बयानबाजी का दौर चल रहा है।
यह आक्रामकता सदन के भीतर भी नजर आ सकती है। उधर, वीरवार को सर्वदलीय बैठक भी हुई। इसमें विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही शांति से चलने देने का अनुरोध किया। कांग्रेस और भाजपा विधायक दलों की बैठकें भी हुईं। विपक्ष में बैठी भाजपा ने जहां सत्तासीन कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई, वहीं कांग्रेस विधायक दल ने भी आक्रामक रुख अपनाने का फैसला लिया है।
मानसून सत्र से पहले मिले वीरभद्र और धूमल
प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले वीरवार को सर्वदलीय बैठक हुई। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसा पहली बार हुआ कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल दोनों साथ-साथ गए। दोनों दिग्गजों ने विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल और अन्य नेताओं के सामने खुलकर चर्चा की।
बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, भाजपा मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज, भाजपा सचेतक रिखीराम कौंडल, विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी और निर्दलीय विधायक बलवीर वर्मा मौजूद हुए। बुटेल ने सभी से अनुरोध किया कि वे सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से चलने दें। सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष दोनों ने कई मुद्दों पर मंत्रणा की। बैठक चार बजे शुरू हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक चली।
बुटेल बोले, सदन में नहीं होगी अर्द्धन्यायिक मामलों पर चर्चा
विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने मानसून सत्र को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष से अनुरोध किया है कि वे सदन के भीतर शांति बनाए रखें। खास तौर पर अर्द्धन्यायिक मामलों पर सदन में चर्चा नहीं करने को कहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष से अनुरोध किया कि वे अर्द्धन्यायिक मामलों के वीडियो भी सदन में न लाएं।
यह सदन के नियमों में वर्जित है। बुटेल ने अनुरोध किया कि इस बार भी सदन में एचपीसीए मामला, सीबीआई के दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मामले या पेड़ कटान जैसे प्रकरणों पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए। ऐसे मामले लाने पर बतौर विधानसभा अध्यक्ष उन्हें सदस्यों पर कार्रवाई का अधिकार है।
सदन में गूंजेंगे 516 सवाल- मानसून सत्र के दौरान 516 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 129 प्रश्न तारांकित और 387 प्रश्न अतारांकित होंगे। बुटेल ने कहा कि वीरवार को विधानसभा सचिवालय को सरकार की ओर से किसी विधेयक की प्रति नहीं मिली थी।
डिजिटल हाजिरी ही लगाएंगे विधायक- बुटेल ने कहा कि सदन में सभी विधायक अंगूठे से डिजिटल हाजिरी ही लगाएंगे। हालांकि, रजिस्टर की वैकल्पिक व्यवस्था भी रहेगी। डिजिटल हाजिरी के लिए हर सीट पर व्यवस्था की गई है।
वार और पलटवार की बनी रणनीति
विधानसभा के मानसून सत्र के लिए वीरवार देर शाम को भाजपा ने विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष पर वार करने और विपक्ष ने पलटवार की रणनीति बनाई। भाजपा भ्रष्टाचार के अलावा सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने पर सरकार को घेर सकती है। कांग्रेस ने भी जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को न भरने का मुद्दा भी सदन में उठ सकता है। आपदा प्रबंधन में ढील को भी विपक्ष उठा सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से विशेष मंत्रणा की कि किस तरह से वे प्रश्नकाल और अन्य अवसरों पर उठने वाले विभिन्न मुद्दों के जवाब देंगे।
कांग्रेस और भाजपा के विधायक दलों की बैठकें वीरवार को देर श्ााम तक चलती रहीं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में ओकओवर शिमला में सात बजे शुरू हुई। इसमें सभी प्रमुख मंत्री और अधिकतर विधायक शामिल हुए। भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल की अध्यक्षता में शिमला के होटल पीटरहॉफ में हुई। यह भी सात बजे शुरू हुई। इसमें भी भाजपा के अधिकांश विधायक मौजूद रहे। इसके बाद दोनों बैठक स्थलों पर विधायकों ने डिनर भी किया।
रणधीर के खिलाफ वापस ली जा सकती है एफआईआर
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा पर दर्ज एफआईआर रद्द हो सकती है। सूत्रों की मानें तो सर्वदलीय बैठक में भाजपा की ओर से कुछ आपत्तियां रखी गई हैं। रणधीर शर्मा पर केस बनाने का मामला भी इसमें उठाया गया। इसे झूठा बताया गया। मुख्यमंत्री के भाजपा नेताओं पर बयानों को भी उन्होंने आपत्तिजनक कहा।
आज दिल्ली जाएंगे सीएम मंत्री पद पर चर्चा संभव- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार को दोपहर बाद दिल्ली जाएंगे। वीरभद्र सिंह दोपहर बाद तीन बजे शिमला से सफदरगंज दिल्ली के लिए रवाना होंगे। साढे़ चार बजे दिल्ली पहुंचेंगे। सूत्रों की मानें तो वे दिल्ली जाकर हिमाचल में रिक्त चल रहे मंत्री पद पर चर्चा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के समर्थक चाहते हैं कि बंजार के विधायक कर्ण सिंह मंत्री बनें, जबकि इस पद की रेस में कई अन्य नेता भी शुमार हो गए हैं।