राज्यपाल के काफिले का रास्ता रोकने पर कांग्रेस विधायकों से बातचीत करते सीएम जयराम ठाकुर।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन के भीतर और बाहर हंगामे के बाद विपक्ष के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जमीन पर रहिए, वरना लोग जमीन में गाड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि क्षमा करना, लेकिन मुझे मजबूरन ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सख्त कार्रवाई करें। सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसी घटना और राज्यपालों से ऐसा व्यवहार कभी नहीं हुआ। वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल बिहार बन गया है और शर्म आ रही है। संसदीय कार्य मंत्री ने निलंबन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सदन के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा संविधान पर हमला है। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने निलंबन प्रस्ताव लाया। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 12.50 पर फिर शुरू हुई। निलंबन प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान, सतपाल रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय कुमार के खिलाफ लाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांविधानिक पद पर काबिज राज्यपाल और उनके सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता की गई। विपक्ष चाहता तो राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में अपनी बात रखता। नारेबाजी ही करनी थी तो हमारे खिलाफ करते। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कोई सदस्य नहीं बोल सकता है। राज्यपाल का रास्ता आज तक नहीं रोका गया। सरकार विपक्ष के इस आचरण को कतई सहन नहीं करेगी। विपक्ष के सदस्यों को भी सदन में बुलाया गया था।