नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने आरडीजी (राजस्व अनुदान घाटा) का विरोध किया है। ऐसे में हिमाचल कांग्रेस का केंद्र को दोष देना सरासर दोहरे मापदंड हैं। गुरुवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने 16वें वित्तायोग के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष नहीं रखा। 15वें वित्त आयोग ने पहले ही आरडीजी बंद करने का संकेत दे दिया था। तब सुक्खू विधायक थे। उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी, फिर आज वह अनभिज्ञता का दिखावा क्यों कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि तब उन्होंने इस पर क्या रुख अपनाया था। जयराम ने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता संभालने के बाद से अब तक सोई रही। अब जनता को गुमराह किया जा रहा है। जयराम ने मुख्यमंत्री से 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे अमीर राज्य बनाने की योजना का ब्लू प्रिंट सार्वजनिक करने का आग्रह भी किया।