हिमाचल में रविवार को करवाई गई पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। शिमला समेत कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल करवाने के मामले सामने आए हैं। शिमला के इंदिरा गांधी खेल परिसर में खुद पुलिसवालों पर नकल करवाने के आरोप लगे हैं।
यहां परीक्षा में बैठे कई छात्रों ने इसका विरोध भी किया। आरोप है कि परीक्षा हॉल में बैठे कुछ छात्रों के पहचान वाले ये पुलिसवाले खुद उन्हें नकल करवा रहे थे। इसके अलावा कुछेक पर्चियां भी छात्रों को दी गई। बाद में परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को रोका गया और उन्हें हॉल में हुई नकलबाजी की बात बाहर न करने तक को कहा गया।
कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत महकमे के बड़े अफसरों से करने की तैयारी कर ली है। छात्रों का कहना है कि पुलिसवाले खुद अपने रिश्तेदारों को जमकर नकल करवा रहे थे।
भाई का पेपर देते पकड़ा युवक
वहीं, ऊना के पंडोगा में पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में चचेरे भाई की परीक्षा देते युवक को पकड़ा है। युवक के कारनामे का पर्दाफाश होते ही परीक्षा हाल में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आरोपी की पहचान अभिषेक कुमार निवासी पंतेहड़, अंब के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार सुबह पंडोगा स्थित केसी कॉलेज में पुलिस की लिखित परीक्षा थी। इसी दौरान अभिषेक धोखे से अपने चाचा के बेटे राहुल की लिखित परीक्षा देने परीक्षा हाल में घुस गया। अभिषेक की चालाकी का उस समय पर्दाफाश हो गया, जब परीक्षा हाल में पुलिस कर्मचारी ने हाजिरी शीट पर हस्ताक्षर लिए। अभिषेक ने गलती से अपना ही नाम लिख दिया।
संबंधित रोलनंबर पर नाम की विभिन्नता पाए जाने पर पुलिस कर्मचारी को शक हुआ और सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। बताया जा रहा है कि आरोपी हरोली के एक निजी संस्थान में इंजीनियरिंग कर रहा है। उधर, एसपी अनुपम शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी अभिषेक कुमार के खिलाफ धारा 420, 419 एवं 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एक घंटे के स्थान पर मिले 40 मिनट
वहीं, पालमपुर में पुलिस भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पालमपुर के घुग्गर स्थित निजी होटल परिसर में स्थापित केंद्र में परीक्षा दे रहे ज्वाली तहसील के अमलेला गांव के सुमीत कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए 9 बजे का समय निर्धारित था। लेकिन 11 बजे तक प्रवेश नहीं हो सका था।
अचानक आंसर शीट के समाप्त हो जाने पर अनेक अभ्यर्थियों को 11 बजकर 40 मिनट पर आंसरशीट उपलब्ध करवाई गई। 12 बजकर 20 मिनट पर वापस ले ली गई। इस प्रकार एक घंटे के स्थान पर मात्र 40 मिनट का समय ही उनको परीक्षा के लिए मिला है। उनका कहना है कि पेपर के पैकेट सीलबंद होने के बजाए पूरी तरह से खुले हुए थे। सुमीत कुमार के परिजन चैन सिंह ने इसकी लिखित शिकायत मुख्यमंत्री और जिला पुलिस उप अधीक्षक को प्रेषित कर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
साढ़े सात सौ पदों को 47 हजार ने दी लिखित परीक्षा
प्रदेश में कांस्टेबलों की भर्ती के लिए रविवार को लिखित परीक्षा हुई। राज्य पुलिस विभाग ने यह परीक्षा प्रदेश भर के 47 केंद्रों में ली। 750 पदों के लिए 47375 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। ग्राउंड टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों का ही इस परीक्षा के लिए चयन किया गया है।
रविवार को पुलिस महानिरीक्षक सशस्त्र पुलिस एवं ट्रेनिंग एस. जहूर जैदी ने कहा कि इस परीक्षा में कुल कितने उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, इसका विवरण एकत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा के माध्यम से पुलिस विभाग में 750 रिक्तियों को भरने के लिए कांस्टेबलों का चयन किया जा रहा है। इसमें पुरुष और महिला कांस्टेबलों का चयन किया जाना है।