हिमाचल में 6,200 वाटर गार्डों को दिहाड़ीदार बनाने की तैयारी है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग एक प्रपोजल सरकार को भेजने जा रहा है। सरकार ने इस वित्त वर्ष के बजट अनुमान में भी यह घोषणा की है कि जिन पार्ट टाइम वर्करों ने आठ साल का सेवाकाल पूरा कर लिया है, उन्हें दिहाड़ीदार बना दिया जाएगा। वाटर गार्डों की तैनाती ग्राम पंचायतों के माध्यम से की गई थी।
लगभग 6,200 वाटर गार्डों ने आठ साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। ये लंबे अरसे से दिहाड़ीदार बनाने की मांग कर रहे हैं। एक दिन पहले भी इंटक के तहत कार्यरत ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्करज यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल इस मांग के साथ प्रमुख अभियंता आरके कंवर से भी मिला।
इन मांगों पर हुई चर्चा
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सीताराम सैनी, उपाध्यक्ष सुरजीत राणा, महासचिव जगतार बैंस, विश्वदेव, संगठन मंत्री कैलाश राणा, सचिव प्रेमलाल भाटिया आदि ने इसमें भाग लिया। इस प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग की कि सभी 6200 वाटर गार्डों का मामला सरकार को भेजा जाएगा।
एक अन्य मांग यह भी की कि फिटर, इलेक्ट्रिशियन आदि की पदोन्नति के लिए फोरमैन के 50 पदों को भी सृजित किया जाए। इनका केस सरकार को शीघ्र भेजा जाएगा। इस पर प्रमुख अभियंता आरके कंवर ने कहा कि मामले को जल्दी ही सरकार के ध्यान में लाया जाएगा।
31 मार्च की शर्त हटाए सरकार
राजकीय अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अनुबंध पर तैनात शिक्षकों के लिए 31 मार्च की शर्त हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को पांच साल पूरे हो जाते हैं, उसी समय उन्हें नियमित किया जाना चाहिए।
टीजीटी की मांग पर भी फैसला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पांच साल का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वालों को नियमित करने की घोषणा की थी। प्रदेश के सभी विभागों में अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग में अनुबंध शिक्षकों को नियमित करने में देरी हो रही थी। राजकीय अध्यापक शिक्षक संघ ने प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) से मुलाकात भी की थी।
मुख्यमंत्री ने उसी वक्त शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए थे कि जिन शिक्षकों को अनुबंध पर पांच साल पूरे हो गए हैं, उन्हें नियमित किया जाए। इसके बाद शिक्षा विभाग में टीजीटी शिक्षकों को नियमित करने की कसरत शुरू हुई।31 मार्च की शर्त हटाए सरकार- राजकीय अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अनुबंध पर तैनात शिक्षकों के लिए 31 मार्च की शर्त हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को पांच साल पूरे हो जाते हैं, उसी समय उन्हें नियमित किया जाना चाहिए।
निदेशक, शिक्षा विभाग दिनकर बुराथोकी ने कहा कि पांच साल पूरा करने वाले अनुबंध शिक्षकों को नियमित किए जाने की लिस्ट तैयार है। जल्द ही अनुबंध शिक्षकों को नियमित किया जाएगा।