जाम से हो सकती है देरी घर से जल्दी निकलें
क्रॉसिंग बाया बालूगंज सड़क बंद होने के कारण इस क्षेत्र में यातायात जाम बढ़ सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि इस क्षेत्र से कार्यालय और स्कूल आने-जाने वाले और अन्य लोग अपने गंतव्य तक जाने के लिए घर से जल्दी निकलें। भूस्खलन के कारण बिजली के खंभे टूट गए हैं। संचार कंपनियों के फाइबर केबल और पेयजल लाइन को भी नुकसान पहुंचा है। डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इनका काम करने को कहा है। बुधवार से ही इसका काम शुरू हो गया है।
दोनों सड़कों पर बंद रहेगी आवाजाही: एसपी
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि खतरे को देखते हुए इन मार्गों पर आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी है। वैकल्पिक मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के लिए इंतजाम किए हैं। इस बैठक में महापौर सुरेंद्र चौहान, आयुक्त भूपेंद्र अत्री, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, उपमंडल दंडाधिकारी शिमला शहरी भानु गुप्ता, सचिव भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला एमसी नेगी, कमांडेट तृतीय वाहिनी कुलदीप कपिल, दीपक प्रोजेक्ट से अधिशासी अभियंता सुशील नामदेओ, भूवैज्ञानिक गौरव शर्मा भी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के पास सड़क ढहने का खतरा
हाईकोर्ट के पास सड़क ढहने का खतरा लिफ्ट-हाईकोर्ट-छोटा शिमला मार्ग पर एक साल से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके बावजूद मार्ग को सुरक्षित करने के लिए नगर निगम कोई समाधान नहीं कर रहा है। यही वजह है कि बालूगंज-एडवांस्ट स्टडी-विधानसभा मार्ग की तरह यह मार्ग भी कभी भी ढह सकता है। मंगलवार रात को भी यहां पर सर्कुलर मार्ग की ओर भूस्खलन हुआ है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण लिफ्ट-हाईकोर्ट-छोटा शिमला मार्ग कभी भी बंद हो सकता है। इस वजह से हाईकोर्ट समेत मुख्यमंत्री आवास और यूएस क्लब समेत छोटा शिमला की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो जाएगी। वर्तमान में सड़क का निचला हिस्सा धंस चुका है और यहां बचाव के लिए महज तिरपाल बिछाया गया है। नगर निगम ने समय रहते मार्ग को सुरिक्षत करने के लिए उचित कदम नहीं उठाया तो यह मार्ग भी ढह सकता है। इस वजह से पहले से ही मार्गों के अवरुद्ध रहने से परेशान शहरवासियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
आईजीएमसी कर्मचारी आवास का डंगा गिरा, दो वाहन क्षतिग्रस्त
लक्कड़ बाजार स्थित कॉरस्टोफन में आईजीएमसी कर्मचारी आवास का डंगा गिर गया। इस वजह से यहां खड़ी दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत है कि इस आवास में कोई कर्मचारी नहीं रहता है। यह भवन काफी समय पहले असुरक्षित घोषित कर दिया था। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने लोक निर्माण अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया। आईजीएमसी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष हरिंदर सिंह मेहता और महासचिव हनीश ठाकुर ने कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत करवाने की मांग की है। यह क्षेत्र जाखू वार्ड में शामिल है। वार्ड पार्षद अतुल गौतम ने बताया कि पुराने भवन के गिरने के खतरे को देखते हुए वीरवार को जिला प्रशासन की टीमें भी मौके का जायजा लेंगी। भराड़ी वार्ड की पार्षद मीना चौहान भी बुधवार को मौके पर पहुंची। कहा कि पुराने भवन के कारण निचली ओर बने मकानों पर मलबा गिरने का खतरा है। यदि पुराने भवन को जल्द न गिराया गया तो इससे नुकसान हो सकता है।