हाईकोर्ट ने प्रदेश में सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ उचित कार्रवाई न होने पर स्पष्ट किया है कि यदि अवैध खनन पर शीघ्र काबू नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों सहित डीजीपी के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
मामले पर अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश में खनन माफियाओं की बढ़ती सक्रियता पर छपी खबरों पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश पारित किए।
कोर्ट ने स्टेट जियोलॉजिस्ट को 29 सितंबर को अदालत में उपस्थित रहने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई में बरती जा रही लापरवाही पर सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आए दिन अखबारों में खबरें आ रही हैं कि प्रदेश में खनन माफिया पर लगाम लगाने में सरकार नाकाम हो गई हैं।