विधायक और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि राजाओं का राज तो खत्म हो चुका है, वे देव परंपराओं का निर्वहन करते हैं। दशहरा उत्सव में सीएम वीरभद्र सिंह ने महेश्वर सिंह के पालकी पर बैठ कर आने को लेकर टिप्पणी की थी।
जिस पर महेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह रघुनाथ जी के प्रथम सेवक होने के नाते परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। कुल्लू के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेश्वर सिंह ने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह की ऐसी बातों से दशहरा उत्सव की परंपराओं में खलल पड़ सकता है।
जिसके मद्देनजर राज्यपाल आचार्य देवव्रत से संरक्षण मांगा है। जरूरत पड़ने पर न्यायालय से भी संरक्षण मांगा जाएगा। दशहरा उत्सव में दो भाग हैं। जिनमें एक दशहरा उत्सव और दूसरा इंटरनेशनल फोक डांस फेस्टिवल है। धार्मिक परंपराओं का शुभारंभ रघुनाथ जी करते हैं।
वहीं, डांस फेस्टिवल का शुभारंभ व समापन अलग तरीके से होता है। दोनों ही चीजें अलग हैं। लेकिन, सीएम वीरभद्र सिंह इन्हें मिक्स कर रहे हैं। कहा कि दशहरा उत्सव नजदीक है और सीएम की ऐसी बातों का संज्ञान लिया जाना चाहिए। जबकि सीएम वीरभद्र सिंह पूर्व में रथ के निचले हिस्से में जूते समेत चढ़कर विवाद खड़ा कर चुके हैं।
सीएम कहते हैं कि पब्लिक शिकायत पर रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण का फैसला लिया गया है। लेकिन, तीनों शिकायतकर्ता दिनेश सेन, ओम प्रकाश चौटाला, उत्तम चंद शर्मा कांग्रेस से संबंधित हैं। देव सांस्कृतिक चेरिटेबल ट्रस्ट कुल्लू को पांच करोड़ की धनराशि की घोषणा करना शिकायतकर्ता को अवार्ड देना है। यदि शोध कार्य के लिए ट्रस्ट को धनराशि दी जा रही तो भाषा एवं संस्कृति विभाग की अनदेखी हो रही है।
बैठक का किया कांग्रेसीकरण
महेश्वर सिंह ने कहा कि शिमला में हुई दशहरा उत्सव की ऑफिशियल बैठक का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है। दशहरा कमेटी को पार्टी का मंच दिया है। यदि जिला स्तर पर भी कांग्रेस का मंच बनाना है तो बैठक में जाकर फायदा नहीं है।