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रघुनाथ मंदिर मामले में सीएम के बयान पर महेश्वर का पलटवार

Thu, 22 Sep 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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सदर विधायक एवं रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विधायक और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि राजाओं का राज तो खत्म हो चुका है, वे देव परंपराओं का निर्वहन करते हैं। दशहरा उत्सव में सीएम वीरभद्र सिंह ने महेश्वर सिंह के पालकी पर बैठ कर आने को लेकर टिप्पणी की थी।
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जिस पर महेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह रघुनाथ जी के प्रथम सेवक होने के नाते परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। कुल्लू के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेश्वर सिंह ने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह की ऐसी बातों से दशहरा उत्सव की परंपराओं में खलल पड़ सकता है।

जिसके मद्देनजर राज्यपाल आचार्य देवव्रत से संरक्षण मांगा है। जरूरत पड़ने पर न्यायालय से भी संरक्षण मांगा जाएगा। दशहरा उत्सव में दो भाग हैं। जिनमें एक दशहरा उत्सव और दूसरा इंटरनेशनल फोक डांस फेस्टिवल है। धार्मिक परंपराओं का शुभारंभ रघुनाथ जी करते हैं।
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वहीं, डांस फेस्टिवल का शुभारंभ व समापन अलग तरीके से होता है। दोनों ही चीजें अलग हैं। लेकिन, सीएम वीरभद्र सिंह इन्हें मिक्स कर रहे हैं। कहा कि दशहरा उत्सव नजदीक है और सीएम की ऐसी बातों का संज्ञान लिया जाना चाहिए। जबकि सीएम वीरभद्र सिंह पूर्व में रथ के निचले हिस्से में जूते समेत चढ़कर विवाद खड़ा कर चुके हैं।

सीएम कहते हैं कि पब्लिक शिकायत पर रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण का फैसला लिया गया है। लेकिन, तीनों शिकायतकर्ता दिनेश सेन, ओम प्रकाश चौटाला, उत्तम चंद शर्मा कांग्रेस से संबंधित हैं। देव सांस्कृतिक चेरिटेबल ट्रस्ट कुल्लू को पांच करोड़ की धनराशि की घोषणा करना शिकायतकर्ता को अवार्ड देना है। यदि शोध कार्य के लिए ट्रस्ट को धनराशि दी जा रही तो भाषा एवं संस्कृति विभाग की अनदेखी हो रही है।
     
बैठक का किया कांग्रेसीकरण      
महेश्वर सिंह ने कहा कि शिमला में हुई दशहरा उत्सव की ऑफिशियल बैठक का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है। दशहरा कमेटी को पार्टी का मंच दिया है। यदि जिला स्तर पर भी कांग्रेस का मंच बनाना है तो बैठक में जाकर फायदा नहीं है।
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अब इस तारीख को होगी मंदिर अधिग्रहण मामले की सुनवाई

रघुनाथ मंदिर कुल्लू के अधिग्रहण के निर्णय को चुनौती देने वाली महेश्वर सिंह की हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर सुनवाई 26 अक्तूबर के लिए टल गई है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने महेश्वर सिंह को प्रतिवादियों के जवाब का प्रति उत्तर दायर करने के आदेश भी दिए।

इस याचिका में महेश्वर सिंह के भाई कर्ण सिंह के आवेदन को मंजूर कर कोर्ट ने उसे प्रतिवादी बनाया था। कर्ण सिंह ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया था कि महेश्वर सिंह की ओर से दायर याचिका में उसे जानबूझ कर पार्टी नहीं बनाया गया, जबकि वह महेश्वर सिंह के सगे भाई हैं। उनके अनुसार रघुनाथ मंदिर ढालपुर के फाटी में जिस खसरा नंबर 994 पर बना है, उस पर महल भी बना हुआ है। इस नंबर के मालिक वो भी हैं। महेश्वर सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया है कि रघुनाथ मंदिर एक निजी मंदिर है जिसका अधिग्रहण करने का अधिकार उनके पास नहीं है। अब इस मामले पर सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।
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