हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को हरे पेड़ों के कटान को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को हरे पेड़ों के कटान को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने विकासात्मक योजनाओं में आड़े आ रहे हरे पेड़ों को काटने की इजाजत दे दी है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की बेंच ने हरे पेड़ों को काटने पर रोक लगाने वाले आदेशों में ढील देते हुए कहा है कि पेड़ों को काटने के दौरान वीडियोग्राफी जरूर कराई जाए।
साथ ही स्पष्ट किया है कि पेड़ों को काटने की इजाजत देने वाले सक्षम अधिकारी कानूनी दायरे में रहकर ही अनुमति प्रदान करें। इसके साथ ही कोर्ट ने निजी भूमि पर हरे पेड़ काटने को लेकर लगाई रोक में भी ढील दी है।
कोर्ट ने पॉपुलर के पेड़ों को काटने की अनुमति भी देते हुए स्पष्ट किया है कि निजी लोग इन्हें काट और बेच सकेंगे लेकिन इसके लिए उन्हें सक्षम अधिकारी से इजाजत लेनी जरूरी होगी।
बता दें कि जून 2015 में हाईकोर्ट ने प्रदेश में निजी भूमि पर हर प्रकार के हरे पेड़ों के कटान पर रोक लगा दी थी। हरे पेड़ों को काटने पर लगाई गई रोक के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने आदेश में छूट देने के लिए आवेदन किया था।