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हाईकोर्ट का अहम फैसला: भर्ती के मूल वर्ष के रोस्टर प्वाइंट से ही तय होगी वरिष्ठता, जानिए पूरा मामला

Tue, 03 Nov 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में व्यवस्था दी है कि सीधी भर्ती में प्रशासनिक देरी होने पर भी उम्मीदवारों की वरिष्ठता उनके मूल चयन वर्ष के रोस्टर प्वाइंट से ही तय होगी।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में व्यवस्था दी है कि सीधी भर्ती में प्रशासनिक देरी होने पर भी उम्मीदवारों की वरिष्ठता उनके मूल चयन वर्ष के रोस्टर प्वाइंट से ही तय होगी। अदालत ने जल शक्ति (आईपीएच) विभाग में सीधे भर्ती वाले असिस्टेंट इंजीनियरों (सिविल) के हक में फैसला सुनाते हुए सरकार की 2011 की वरिष्ठता सूची को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने सरकार के मई 2011 के आदेशों को रद्द करते हुए वार्षिक रोस्टर के तहत नई वरिष्ठता सूची जारी करने के निर्देश दिए।

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मामला वर्ष 2008 का है, जब लोक सेवा आयोग ने 15 पदों की सिफारिश भेजी थी। सभी औपचारिकताएं 2008 में पूरी होने के बाद भी सरकार ने नियुक्ति पत्र जनवरी 2009 में दिए। इस बीच सरकार ने जेई को पदोन्नत कर सीधे भर्ती वालों को उनसे जूनियर कर दिया था। अदालत ने कहा कि नियमों में 25 फीसदी सीधी भर्ती और 75 फीसदी पदोन्नति का कोटा तय है। तय कोटे से अधिक की गई पदोन्नतियां तदर्थ मानी जाएंगी। जब उम्मीदवार 2008 में उपलब्ध थे, तो सरकारी देरी के कारण उन्हें जूनियर करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का सीधा उल्लंघन है।
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