हाईकोर्ट ने ठियोग-हाटकोटी रोहड़ू राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा करने के कार्य में हो रही देरी के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए सड़क कार्य देख रही सीएंडसी कंपनी के मुख्य प्रशासकों, निदेशकों को तलब किया है। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मामले में जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट का अवलोकन करने पर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया।
कोर्ट ने कहा कि सड़क के कार्य को देखते हुए लगता है कि ठेकेदार के पास न तो पर्याप्त वित्तीय संसाधन मौजूद हैं और न ही श्रम शक्ति। अदालती आदेशों के बावजूद सड़क का कार्य उस प्रगति से नहीं हो रहा है, जैसा होना चाहिए था। ठेकेदार कंपनी के जनरल मैनेजर ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया कि सड़क के पैकेज एक पर अभी तक 56.48 करोड़ रुपये किए जा चुके हैं।
वास्तविक कार्य 31 फीसदी से अधिक हो गया है। पैकेज दो का कार्य 52 फीसदी से अधिक हो चुका है, इस पर 74.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को यह भी बताया गया कि कार्य पूरा करने की अवधि जून 2017 तक बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि साल 2009 से इस सड़क मार्ग को चौड़ा करने का कार्य किया जा रहा है।
पहले यह काम चीन की एक कंपनी को दिया गया था। लेकिन इस कंपनी के कार्य में ढीलेपन को देखते हुए सरकार ने इसका ठेका सीएंडसी कंपनी को दे दिया। इस कंपनी के कार्य से खुश न होकर पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने जरूरी निर्देशों की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने समय-समय पर सरकार को आवश्यक आदेश जारी किए हैं।