हिमाचल के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में छात्रों के स्वास्थ्य कार्ड बनेंगे। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने इस बारे सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को इस बारे आदेश जारी कर दिए हैं। वर्तमान प्रदेश में पहली से बाहरवीं कक्षा तक छात्र - छात्राओं की संख्या 12 से 15 लाख से अधिक बताई जा रही है, जिनके स्थायी स्वास्थ्य कार्ड बनने हैं।
प्रदेश सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि बच्चों को गंभीर रोगों के कारण होने वाली विकलांगता से बचाया जा सके। समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी अधिनियम 1995 के तहत गठित राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था।