नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के रोहतांग में वाहनों की संख्या सीमित करने और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के फैसले को सरकार चुनौती देगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में नियम - 62 के तहत लाए गए प्रस्ताव के जवाब में कहा कि सरकार ने मजबूती से एनजीटी में पक्ष रखा है।
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एनजीटी में बात नहीं बनी तो सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो सरकार देश के नामी वकीलों की मदद भी लेगी। सीएम ने कहा कि एनजीटी के फैसले से मनाली से रोहतांग के बीच लोगों का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस पर सरकार चिंतित है। सीएम ने कहा कि एनजीटी के आदेश सख्त और जरूरत से ज्यादा हैं।
रोहतांग से आगे भी दुनिया है। रोहतांग से जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख और पांगी के लिए रास्ता ही नहीं जाता बल्कि चीन के लिए भी सदियों पुराना सिल्क रूट है। रोहतांग में ही नहीं बल्कि इसके आगे भी ग्लेशियर हैं। सीएम ने एनजीटी के फैसले को ओवर रिएक्शन करार दिया।
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इस दौरान सीएम ने सरकार की ओर से एनजीटी में दायर हलफनामे की कॉपी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहती और एनजीटी के फैसले का सम्मान भी करती है।
ये हैं एनजीटी के आदेश
एक दिन में रोहतांग के लिए सिर्फ 500 पेट्रोल वाहन जा सकते हैं। प्रति वाहन 500 रुपये शुल्क लगेगा। रोहतांग, सोलंगनाला, मढ़ी, गुलाबा और आसपास के क्षेत्रों में हर प्रकार की व्यावसायिक और 10 साहसिक खेल गतिविधियों पर रोक रहेगी। इनमें पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कूटर, स्कीइंग, ट्यूब स्केटिंग आदि शामिल हैं।
चीन से सटी सीमाओं पर कोई खतरा नहीं : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि चीन से लगती सीमाओं पर हिमाचल में कोई खतरा नहीं है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि चीन से लगती सीमाओं पर हिमाचल में कोई खतरा नहीं है। कहा कि चीन की सीमा पर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता है। वीरभद्र बुधवार को राज्य विधानसभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
मीडिया के सवालों पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस बारे में केंद्र सरकार से कोई पत्र नहीं आया है। हिमाचल इस बारे में पहले से अलर्ट है। पहले से ही निर्देश जारी हैं। एक दिन पहले विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल से हुई भेंट पर सीएम वीरभद्र सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके साथ लंच किया।
खाना खाया और कुछ नहीं किया। सीएम ने कहा कि रोहतांग की तरह ही हिमाचल प्रदेश में और भी नए टूरिस्ट स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे। इनमें पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा।
दो मेडिकल कॉलेजों में अगस्त से कक्षाएं : कौल
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने कहा कि अगर एमसीआई अनुमति देती है तो नाहन और चंबा मेडिकल कॉलेज अगस्त में शुरू किया जाएगा। सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। एलान किया कि कुल्लू के जिला अस्पताल में चार फैकल्टी में डीएनबी यानी डिप्लोमा इन नेशनल बोर्ड शुरू होगा। प्रश्नकाल के दौरान वह विधायक गुलाब सिंह, महेश्वर सिंह, बीके चौहान और गोविंद ठाकुर के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
विधायक गुलाब सिंह ने सवाल किया कि इन तीन मेडिकल कॉलेजों और बिलासपुर में प्रस्तावित एम्स की वस्तुस्थिति क्या है। कौल सिंह ने कहा कि केंद्र की पूर्व यूपीए सरकार ने वर्ष 2012-13 में सूबे में तीन मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की थी। प्रति कॉलेज केंद्र से 189 करोड़ मिलने हैं। वर्तमान में केंद्र से 21 करोड़ मिले हैं। तीन कॉलेज नाहन, चंबा और हमीरपुर में खोले जाने हैं।
नाहन मेडिकल कॉलेज के भवन का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए 21 एकड़ भूमि और शिक्षण स्टाफ दे दिया है। एमसीआई ने निरीक्षण किया है। चंबा में भी पशुपालन विभाग की भूमि को कॉलेज के नाम से स्थानांतरित कर रहे हैं। यहां 5.6 एकड़ भूमि का फॉरेस्ट केस बनाया है। तीसरे मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के लिए नौ किलोमीटर दूरी पर भूमि है। उसका फॉरेस्ट केस बनाया जा रहा है।
एम्स को कंटूर प्लान का पैसा नहीं मिला
पिछले साल केंद्र से एम्स मिला था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अनुरोध पर एम्स को बिलासपुर में खोलने का निर्णय लिया गया। कोठीपुरा में पशुपालन विभाग की भूमि को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के नाम पर किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने कंटूर प्लान बनाकर केंद्र को भेजा है। इसके सात लाख 59 हजार केंद्र सरकार ने देने हैं। ये अभी तक नहीं दिए हैं। सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री इसका जल्द शिलान्यास करवाएं।
निजी पार्टी मेडिकल कॉलेज को आए, मंजूरी देंगे
विधायक गोविंद ठाकुर और महेश्वर सिंह ने कुल्लू में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की। गोविंद का कहना था कि स्वास्थ्य मंत्री ने एक जनसभा में कुल्लू में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रयास करने की बात कही। महेश्वर सिंह ने कहा कि कुल्लू में कोई मेडिकल संस्थान होना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि कोई निजी पार्टी कुल्लू में मेडिकल कॉलेज खोलने को आगे आएगी तो सरकार को उसकी मंजूरी दी जाएगी। सरकार ने कुल्लू अस्पताल को 200 बिस्तरों से 300 बिस्तरों का कर दिया है।
जुटा रहे निजी कंपनी के टावरों की जानकारी : स्टोक्स
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री विद्या स्टोक्स
भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज के सवाल पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि प्रदेश में सरकारी और निजी कंपनियों की ओर से लगाए गए टावरों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह जानकारी अभी कुछ जिलों से आएगी। इस पर सुरेश भारद्वाज बोले कि ये कब तक आएगी?
जवाब में स्टोक्स बोलीं कि उन्हें थोड़ा समय दें। आनी के कांग्रेस विधायक खूबराम के सवाल पर मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि आईपीएच मंडल आनी के तहत पिछले तीन साल में आठ डीपीआर तैयार की गई हैं। पांच मंजूरी को भेजी हैं।
खूबराम ने अनुपूरक सवाल किया कि कब तक अधिकारियों को डीपीआर बनाने के लिए भेजा जाएगा। इस पर स्टोक्स ने कहा कि इस बारे में कोई कमी नहीं रखी जाएगी और विभाग जरूरी कार्रवाई करेगा। महेश्वर सिंह ने भी अनुपूरक सवाल पूछा कि इसमें देरी क्यों लग रही है। जवाब में मंत्री स्टोक्स ने कहा कि वे इनके खिलाफ नहीं हैं। योजनाओं पर काम चल रहा है।
चौपाल के निर्दलीय विधायक बलवीर वर्मा ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
- फोटो : अमर उजाला
चौपाल के निर्दलीय विधायक बलवीर वर्मा ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में पानी के 200 टैंक बनाए हैं। इनमें 198 फटे हैं। एक दशक पुरानी पेयजल, सिंचाई योजनाओं को धरातल पर बनाया नहीं जा सका है। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने भी अनुपूरक सवाल में कहा कि 200 टैंक बने थे।
इनमें 198 डैमेज्ड हैं। क्या वे विभाग ने बनाए हैं या ठेकेदारों ने। इन पर क्या कार्रवाई करेंगे? विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि ये सूचना पांचवीं बार सभा पटल पर रखी जा चुकी है। पहले भी सरकार ने आश्वस्त किया था, लेकिन वर्ष 2004 में शुरू की गई योजनाएं सिरे नहीं चढ़ सकीं। पूछा कि ये योजनाएं कब तक पूरी होंगी। स्टोक्स ने जवाब दिया कि नेरवा में 17 उठाऊ पेयजल, चार सिंचाई योजनाएं, 106 ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, उपमंडल सैंज में चार उठाऊ पेयजल योजनाएं और तीन सिंचाई योजनाओं का काम चल रहा है।
माना कि इनमें से कोई भी योजना पूरी नहीं हुई है। बजट का ब्योरा भी सदन के पटल पर रखा। बलवीर वर्मा ने कहा - ये जवाब मैं पांच बार सुन चुका हूं। आगे गर्मियां आ रही हैं। ऐसे में तो अपने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों के बीच नहीं जा सकूंगा। ग्रेविटी की योजनाओं में पैसे का प्रावधान नहीं है। अगर पैसे का प्रावधान नहीं था तो टेंडर क्यों लगाए गए। जवाब से असंतुष्ट विधायक बलवीर वर्मा ने फिर असंतोष जताया। स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने हस्तक्षेप कर कहा कि वे मंत्री से अलग से मिलें।
जादूगरी तो नहीं हो सकती : स्टोक्स
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि काम चल रहा है। जादूगरी तो नहीं हो सकती। सारी स्कीमें तो दे रहे हैं। आपको बता दिया गया है। आप पैसे वाले आदमी हैं, आप ही कुछ कीजिए। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी सूचना दी जानी चाहिए। सब इतना आसान नहीं होता।