राज्य सरकार अब सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों की प्राकृतिक मौत पर बालिग और नाबालिग की मौत पर परिजनों को बराबर मुआवजा देगी। अभी तक सरकार ऐसे मामलों में परिजनों को नाबालिग की मौत पर अधिकतम 50 हजार, जबकि बालिग की मौत पर एक लाख रुपये मुआवजा देती थी।
अब सरकार ने बराबर एक लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राजपत्र में इसकी अधिसूचना प्रकाशित कर दी है। सरकार ने इसे लागू करने से पहले लोगों से 15 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे थे।
दूसरी ओर, हिमाचल में अब पर्यटकों और अन्य लोगों को सैर सपाटा करने के लिए किराये पर मोटरसाइकिल और मैक्सी कैब मिलेंगे। हिमाचल में जिस व्यक्ति के पास लाइसेंस होगा, वह पर्यटकों को किराये पर मोटर साइकिल और मैक्सी कैब दे सकेंगे। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है।
अब परिवहन विभाग ने इसके लिए आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। मैक्सी कैब लाइसेंस धारकों को अधिकतम 40 हजार जबकि मोटरसाइकिल को किराये पर देने के लिए 20 हजार रुपये सालाना फीस चुकानी होगी। महीने की यह फीस डेढ़ से दो हजार रुपये तक होगी। लोग बाहरी राज्यों में भी इन वाहनों को किराये पर ले जा सकेंगे।