एरियर हर माह वेतन और पेंशन के साथ दिया जाएगा। इसी के साथ कर्मचारियों के साढ़े 24 प्रतिशत एरियर का भुगतान हो जाएगा। 20 फीसदी पहले ही दिया जा चुका है। अगर पेंशनरों का एरियर पांच हजार रुपये से कम रहा तो इसे एक साथ दे दिया जाएगा।
वहीं, वहीं, महंगाई भत्ते का एरियर भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों को हर माह के वेतन में डेढ़ प्रतिशत दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बकाया की मात्रा वेतनमान और डीए के बकाया के लिए निर्धारित सीमा से अधिक न हो।
पेंशनरों के लिए भी चार फीसदी महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी
सरकार ने पेंशनरों के लिए भी चार फीसदी महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी की है। यह सरकारी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए एक जुलाई 2022 से देय है। इसे एक अप्रैल 2024 से दिया जाएगा। भत्ता 34 से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है। अतिरिक्त महंगाई भत्ता मई में दिए जाने वाले अप्रैल के वेतन में दिया जाएगा।
सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को बीते 2 मार्च को चार फीसदी महंगाई भत्ता जारी किया था। जुलाई 2022 से एरियर में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया जाएगा। मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन में नकद मिलेगा। अब एरियर देने का भी एलान किया है।
एक जुलाई 2022 से लेकर 31 मार्च 2024 का एरियर देने के तरीके को अलग से आदेश निकालकर दिया जाएगा। प्रधान सचिव वित्त ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने की अधिसूचना पहले से ही जारी कर दी गई है।
कर्मचारियों के साथ खेला हुआ: शैक्षिक महासंघ
प्रदेश के कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा खेला हो गया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ इस चरणबद्ध तरीके का विरोध करते है। सरकार को प्रदेश के सभी कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन का एरियर ओर डीए का एरियर देना होगा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर, प्रांत संगठन मंत्री विनोद सूद, मीडिया प्रभारी शशि शर्मा, सभी जिलों के अध्यक्ष, महामंत्री ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को एक मुश्त उनकी मेहनत का एरियर दे।