टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने नए सिरे से ग्रीन एरिया का मानचित्र तैयार कर लिया है।
हिमाचल सरकार नए सिरे से ग्रीन एरिया चयनित करने जा रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को प्रस्ताव भेजकर इसकी अनुमति मांगी है। तर्क दिया गया है कि हिमाचल में कई ऐसे क्षेत्र ग्रीन एरिया में शामिल हैं जहां न तो पेड़-पौधे हैं और न ही हरियाली। ऐसे में इन प्लाटों को बाहर किया जाना उचित होगा।
टीसीपी की मानें तो प्रदेश में ऐसे प्लाटों की संख्या हजारों में है। सर्वाधिक मामले शिमला के हैं। इन क्षेत्रों में लोगों ने पहले ही भवन बनाने के लिए जमीनें खरीद रखी थीं। बाद में यह क्षेत्र ग्रीन एरिया में शामिल हो गए। ऐसे में कई लोग अब भवन निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश सरकार के समक्ष कई बार मामला उठा, अब इन्हें राहत देने की तैयारी चल रही है।
टीसीपी ने तैयार किया मानचित्र
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने नए सिरे से ग्रीन एरिया का मानचित्र तैयार कर लिया है। इसके अलावा उन क्षेत्रों का भी मानचित्र तैयार किया है जो पहले से ग्रीन एरिया है और वहां लोगों के प्लाट हैं।
हिमाचल सरकार नए सिरे से ग्रीन एरिया चयनित करने जा रही है। इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से इसकी अनुमति मांगी गई है। सरकार की कोशिश है कि प्लाट मालिकों को बाहर कर राहत दी जाए।- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री