हिमाचल में ऑनलाइन लाटरी शुरू हो सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खुद इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस बारे में विचार कर रही है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय शिक्षकों को नौकरी में रहते हुए राजनीति नहीं करने दी जाएगी।
इसके लिए उन्हें नौकरी छोड़नी होगी। इस बारे प्रदेश सरकार कानून भी बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। वीरभद्र सिंह कहा कि राज्य सरकार भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेललाइन के निर्माण और जमीन का आधा खर्च उठाएगी।
वे इसके लिए पिछले आठ-दस साल से प्रयास कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि लेह तक रेललाइन बने। यह रेल लाइन ब्यास नदी के साथ-साथ बिछे और पठानकोट के पास ब्रॉडग्रेज लाइन में जुड़े। हिमाचल में अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है।
वे धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहते। गुरुद्वारों का प्रबंधन जैसा चल रहा है, वह सही है। हिमालयन राज्यों के लिए अलग से केंद्रीय मंत्रालय खोलने के सवाल पर सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्रालयों का मौजूदा सेटअप सही है। सरकार केंद्रीय मंत्रालयों से पूर्व में भी ठीक से डील करती रही है। बहरहाल, इसकी रूपरेखा देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
तकनीकी संस्थानों में दाखिले पर फैसला नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में तकनीकी शिक्षा से जुड़े कॉलेजों में विद्यार्थियों को दाखिला देने का मामला आया था। मगर उस पर फैसला नहीं हो सका। अगली बैठक में सरकार स्पष्ट नीति के साथ एजेंडा लेकर आएगी। प्राइवेट संस्थानों के लिए बनाए गए रेगुलेटरी कमीशन को और मजबूत बनाया जाएगा।
आईआईएम की स्थापना पर सीएम ने कहा कि इसे सही स्थान पर स्थापित किया जाएगा। आईआईएम ऐसे स्थान पर स्थापित होगा जहां कनेक्टिविटी भी होगी।
श्रीखंड यात्रा के लिए देंगे सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीखंड यात्रा के लिए मणिमहेश यात्रा की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। सुविधाओं के अभाव में लोगोके के साथ हादसे होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कारगिल शहीदी दिवस सबको मनाना चाहिए।