प्रदेश के करीब 30 हजार अवैध भवन मालिकों को सरकार एक और राहत देने जा रही है। घरों को वैध कराने की अधिसूचना के बाद अब सरकार इसकी फीस घटाने पर विचार कर रही है।
10 सितंबर को अधिसूचना के बाद लोगों की सैकड़ों आपत्तियां दर्ज हुई हैं। लोग पॉलिसी को बहुत महंगा बता रहे हैं। भारी फीस लेकर अवैध भवनों को नियमितीकरण करने का फैसला सरकारी खजाने को बढ़ाने के लिए किया गया था।
लेकिन प्रदेश के कई शहरों में इसका खासा विरोध हो रहा है। निजी प्लानर भी इसे ठीक नहीं मान रहे। इन्होंने भी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। सरकार भी मान रही है कि जनता के खिलाफ कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। फीस ज्यादा है तो इसे घटाया जाएगा।