हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उद्योगों को एक और राहत देने की तैयारी है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों के भवनों की फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) बढ़ाने जा रही है।
नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम 2014 के ड्राफ्ट में इसका प्रावधान किया गया है। इसको लेकर सरकार की ओर से 30 दिन के भीतर आपत्ति एवं सुझाव मंगाए गए हैं।
लंबे समय से उद्योगपतियों की मांग थी कि औद्योगिक क्षेत्रों की एफएआर बढ़ा दी जाए, जिससे उनके भवन निर्माण में राहत मिल सके। पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड में पहले से ही एफएआर की काफी छूट मिली हुई थी।
सरकार ने बजट में भी इसकी घोषणा की थी, जिसका अनुपालन अब करने की तैयारी है। नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम 2014 के ड्राफ्ट में ही इसका प्रावधान किया जा रहा है। इससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
शहरी विकास मंत्री सुधी शर्मा ने बताया कि बजट घोषणा के अनुरूप ही सरकार की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
नए अधिनियम से राहत
नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम-2014 के आने से न केवल बिल्डरों बल्कि आम जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है। अब लोगों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय में ही चक्कर काटने की जरूरत पड़ेगी। पहले जनता को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय के साथ ही हिमुडा का भी चक्कर लगाना पड़ता था।