एचआरटीसी ने कर्मचारियों को पेंशन की आस बंध गई है। प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए टीम गठित कर दी है। प्रदेश पथ परिवहन निगम में कर्मचारियों को पेंशन की आस बंध गई है। प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए टीम गठित कर दी है।
चीफ सेक्रेटरी इसके चेयरमैन जबकि एसीएस परिवहन और एमडी इसके सदस्य होंगे। एचआरटीसी कर्मचारियों को किन नियमों के तहत से पेंशन दी जा सकती है। इसको लेकर टीम एक महीने में रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंपेंगी। मंत्रिमंडल की बैठक से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
एचआरटीसी में 8 हजार से अधिक कर्मचारी हैं जबकि 7 सौ के करीब कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवहन निगम एचआरटीसी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निगम पेंशन फंड से पेंशन देता है, लेकिन अब पेंशन फंड में पैसा नहीं है।
ऐसे में एचआरटीसी प्रबंध निगम को पेंशन देने के लाले पड़ गए हैं। कई ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी है जिन्हें तीन महीने से पेंशन तक नहीं मिली है। यही नहीं ग्रेच्युटी का पैसा भी निगम के पास फंसा है। निगम की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण निगम प्रबंधन ने यह मामला प्रदेश सरकार से उठाया था, अब सरकार ने पेंशन देने के लिए कमेटी गठित की है।