विधायकों ने आरोप लगाया था कि टायर के अलावा डीजल, बसों के पुर्जों में भी अफसरों ने गोलमाल किया था, जबकि जांच टायर घोटाले में हुई है। बड़ी बात यह है कि अभी भी अफसर संवेदनशील पदों पर बैठे हैं।
इन अफसरों को न तो पूर्व सरकार के कार्यकाल में हटाया गया, न ही भाजपा ने इन्हें इन पदों से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच शुरू की गई है। टायरों में हुए गोलमाल मामले की फाइल मांगी गई है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की मानें तो कई अफसरों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। कइयों पर पेनल्टी भी लगाई गई है, लेकिन इन अफसरों को फिर से संवेदनशील पदों पर तैनाती दी गई है।