राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने घटिया चीनी की सप्लाई देने वाली दिल्ली की कंपनी को 10 लाख रुपये जुर्माना किया है। कंपनी डेढ़ साल यानी तीन टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेगी। यह कंपनी जून, 2015 से अब तक हिमाचल के लिए चीनी की सप्लाई कर रही थी। इस कंपनी के पांच सैंपल फेल हुए हैं। इसके देखते हुए सरकार ने जुर्माने के साथ इसे टेंडर से बाहर किया है।
‘अमर उजाला’ ने बीते सोमवार को दिल्ली की कंपनी ने खिला दी घटिया चीनी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर खाद्य आपूर्ति निगम ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है। खाद्य आपूर्ति निगम का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत निगम ने गोदामों से साप्ताहिक सैंपल लेने और उपभोक्ताओं के बढ़िया और उच्च गुणवत्ता युक्त चीनी उपलब्ध करा रही है।
निगम का दावा है कि राशन कार्ड धारकों को एस-31 ग्रेड चीनी का वितरण किया जा रहा है। चीनी की खरीद ई. टेंडर के माध्यम से की जा रही है। कहा कि प्रयोगशाला में चीनी के नमूने तय मानकों के अनुसार न पाए जाने पर संबधित आपूर्तिकर्ता सेनिविदा के अनुसार दंड स्वरूप राशि वसूलने के प्रावधान के साथ-साथ भविष्य में ऐसे आपूर्ति कर्ता को तीन ई. टेंडर में भाग लेने से वंचित किया जाता है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
खाद्य आपूर्ति निगम के प्रधान सचिव आरडी धीमान का कहना है कि कंपनी के पांच सैंपल फेल हुए हैं। इसके चलते दिल्ली की कंपनी को जुर्माना किया गया है। खाद्य आपूर्ति निगम के नियमों के मुताबिक अब कंपनी 3 टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकती। कंपनी को इस बारे में नोटिस जारी कर दिया है।