हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक फिलहाल टाल दी गई है। सीएम वीरभद्र सिंह मंगलवार शाम को दिल्ली रवाना हो रहे हैं जिस वजह से यह बैठक अचानक टालनी पड़ी है। मुख्यमंत्री अपने खिलाफ चल रहे एक केस के सिलसिले में दिल्ली जा रहे हैं।
ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक टालनी पड़ी है। यह बैठक कब होगी, अभी इस बारे में कोई सूचना नहीं आई है। पहले तय कार्यक्रम के अनुसार कैबिनेट की बैठक विधानसभा परिसर तपोवन में शाम के वक्त रखी गई थी।
बैठक में हिमाचल प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी बिल को सदन में पेश करने को मंजूरी देने पर फैसला होना था। इसके बाद ये बिल इसी सत्र में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में रखा जाना था।
नोटबंदी और भ्रष्टाचार पर आज सदन में हंगामे के आसार
पिछले कई सत्रों से सत्तारूढ़ दल और विपक्ष में चल रही तनातनी मंगलवार को फिर दिख सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल के बीच सोमवार को शीत सत्र की पहली बैठक के स्थगन के बाद जिस तरह से तल्खी नजर आई, उनके इन तेवरों से भी अगले दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही में गतिरोध पैदा होने के संकेत मिले हैं।
विपक्ष शीत सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सत्ता पक्ष पर प्रश्नकाल में ही हमला बोल सकता है। यानी, हंगामा हुआ तो पिछले कई सत्रों की ही तरह प्रश्नकाल भी बाधित हो सकता है। सूत्रों की मानें तो देर रात को सीएम वीरभद्र सिंह ने अपने कुछ मंत्रियों के साथ विपक्ष की आक्रामकता का माकूल जवाब देने पर बैठक कर रणनीति बनाई। माना जा रहा है कि विपक्ष हमेशा की तरह सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ चल रहे कुछ अदालती मामलों को सदन में फिर उठा सकता है। अगर मंगलवार को ऐसा होता है तो सत्तापक्ष इसका कड़ा जवाब देगा।
इसके जवाब में नोटबंदी से लोगों को हो रही असुविधा का मामला भी उठाया जा सकता है। इसी से विपक्ष ने उल्टा वार करने की तैयारी पहले से की है। सत्ता पक्ष ने इसके लिए जहां प्रश्नकाल में कुछ सवाल भी लगाए हैं, वहीं चर्चा के लिए नोटिस भी दिया है। मंगलवार और बुधवार दोनों ही दिन ये सवाल और चर्चा लग सकती है। वहीं, विपक्ष के नेता प्रेमकुमार धूमल ने भी सोमवार को सदन के स्थगन के बाद अपनी पार्टी के विधायकों से चर्चा की और आगामी दिनों की रणनीति पर मंत्रणा की।
विपक्ष ने तो कई और विषयों पर भी चर्चा मांगते हुए विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है। इनमें एक नोटिस भ्रष्टाचार के मसले पर और एक अन्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में रिक्तियों और शिक्षा क्षेत्र की खराब स्थिति पर भी बताया जा रहा है। नोटबंदी पर भी प्राइवेट मेंबर्स डे पर विपक्ष ने एक गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव का विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है। विपक्ष की ओर से चर्चा को दिए गए कुछ नोटिस अभी सरकार को जवाब के लिए भेजे गए हैं।