शिमला में दो अलग अलग आगजनी की घटनाओं में लाखों का नुकसान हो गया है। ये घटनाएं चौड़ा मैदान और पीरन इलाके में हुई हैं। पहली घटना शिमला के चौड़ा मैदान की है। यहां सोमवार सुबह तड़के तीन मंजिला मकान में आग लग गई। इससे 12 कमरे जलकर राख हो गए। भवन खाली थी। इसी भवन के साथ लगती तीन दुकानों में भी आग से नुकसान हुआ है।
लाखों की संपत्ति स्वाह होने की आशंका जताई गई है। आग लगने की सूचना सुबह करीब 4:53 पर मिलते ही तीनों फायर स्टेशन से छह वाटर टेंडर, बाउजर सहित क्यूआरवी के साथ पहुंचे 34 अधिकारियों और जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया। विभाग के जवानों की मुस्तैदी और हिम्मत से चौड़ा मैदान की पूरी मार्केट को राख होने से बचा लिया गया।
इसमें तीन दुकानों जिसमें एक क्लीनिक भी शामिल है, उसे नुकसान हुआ है। जवानों ने दो घंटे में आग की लपटों को शांत कर आग को आगे बढ़ने से रोका, इसके बाद दस बजे के बाद तक इस पुराने भवन की दीवारों में लगी धज्जी दीवारों की आग को भी उखाड़ कर शांत कर दिया गया। आग की इस घटना में अग्निशमन विभाग ने लाखों के नुकसान की आशंका जताई है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह पुराना भवन की जोधा मल ट्रस्ट का बताया जा रहा है। इसमें में कोई नहीं रहता था।
सुबह आग की सूचना मिलते ही माल रोड, छोटा शिमला और बालूगंज फायर स्टेशन से अग्निशमन विभाग के मंडलीय अग्निशमन अधिकारी डीडी शर्मा, माल रोड स्टेशन से फायर आफिसर धर्म चंद शर्मा की अगुवाई में जवान आधा दर्जन टेंडर और बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। पड़ोस के भवन में रहने वाले राज कुमार ने अग्निशमन कंट्रोल रूम को आग की सूचना दी। तब तक आग ने पुराने मकान को पूरी तरह से लपटों में घेर लिया था। लपटों ने ऊपर की ओर बनी मार्केट की दवा दुकान, ऊपरी मंजिला में बने एक क्लीनिक तथा एक अन्य दुकान की सीलिंग को अपनी चपेट में ले लिया था। यदि आग पर काबू न पाया जाता तो मार्केट राख हो सकती थी।
यहां जंगल की आग से जल गया घर, कई मवेशी झुलसे
वहीं, उप तहसील जुन्गा की पीरन पंचायत के चलोग गांव में पांच कमरों का मकान राख हो गया। इसके अलावा गोशाला और इसमें बंधे मवेशी भी इसकी चपेट में आ गए। घटना में आठ से नौ लाख का नुकसान हुआ बताया जा रहा है। बुद्ध राम का घर जलने से सारा सामान राख हो गया है और उसका नौ सदस्यीय परिवार बेघर हो गया। बुद्ध राम, पत्नी, उसके दो बेटे और उनका परिवार और एक बेटी आग की इस घटना के बाद बेघर हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने किसी तरह से देर शाम तक काबू पाया।
परिवार को गांव वालों के यहां शरण लेनी पड़ी है। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को दस हजार की फौरी राहत प्रदान की। परिवार का तिरपाल, राशन आदि की व्यवस्था की जाएगी। जिला परिषद आनंदपुर वार्ड सदस्य और जिला परिषद की कृषि और उद्योग कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन ठाकुर ने बुद्ध राम के परिवार को दस हजार की मदद दी। आग की इस घटना में बुध राम के मवेशी भी झुलस गए हैं।
इनका पशुपालन विभाग से आए कर्मियों ने उपचार भी किया है। घटना की सूचना के बाद जुन्गा पुलिस चौकी से पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। नायब तहसीलदार मेहर सिंह वर्मा ने बताया कि इस आग की घटना में बुद्घ राम का पांच कमरों का मकान जल गया है। मौके पर पहुंचे जुन्गा पुलिस चौकी प्रभारी बलदेव सिंह ने बताया कि हादसा पिरन- सरांडा- जुन्गा सड़क के किनारे जंगल में भड़की आग से हुआ है।
चलोग गांव के किसान राम सरन के दो बैल, दो गाय, एक भैंस, किसान रूप सिंह की दो भैंसें, एक गाय भी आग में झुलस गए थे। स्थानीय लोगों ने किसी तरह से जान जोखिम में डाल कर आग को शांत करने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे जिला परिषद सदस्य मदन मोहन ठाकुर, पिरन पंचायत प्रधान अतर सिंह ठाकुर और वार्ड सदस्य आशा ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से बेघर हुए बुद्ध राम को मदद देने की अपील की है। वहीं दो किसानों राम सरन और रूप सिंह को उचित मुआवजा और राहत देने की मांग उठाई है।