हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता आयोग ने एक अपील पर फैसला सुनाते हुए स्टेट बैंक ऑफ पटियाला को अपील करने वाले श्ाख्स को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने बैंक के पक्ष में आए उपभोक्ता फोरम सोलन के फैसले को निरस्त कर दिया। मैसर्ज अनिरुद्ध ट्रेडिंग कंपनी नालागढ़ के मालिक देवेंद्र सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी बद्दी के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत जिला उपभोक्ता फोरम सोलन में शिकायत की थी।
इस शिकायत के मुताबिक कंपनी मालिक का फर्नीचर और अन्य सामान आग लगने से क्षतिग्रस्त हुआ था। जिला उपभोक्ता फोरम ने देवेंद्र सिंह की शिकायत को यह कहकर खारिज किया था कि शिकायतकर्ता ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सका, जिस कारण भारतीय स्टेट बैंक ऑफ पटियाला को उसके फर्नीचर और सामान का बीमा करना था।
साथ ही उसके सामान और फर्नीचर का जो नुकसान हुआ है, उसका बीमा कवर में इंश्योरेंस नहीं किया गया था। हिमाचल प्रदेश उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुरजीत सिंह ने उपभोक्ता फोरम के फैसले को निरस्त करते हुए आदेश दिए हैं।
भारतीय स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ने अपीलकर्ता के पक्ष में कैश क्रेडिट सुविधा प्रदान की थी, जिसके तहत बिक्री किए गए माल को बैंक द्वारा बीमित करना था।
आयोग ने कहा कि बैंक प्रार्थी के पक्ष में बीमा कवर देने में असमर्थ रहा है, इसलिए सेवाओं में कमी पाते हुए बैंक को आदेश दिया जाता है कि 50 हजार रुपये अपीलकर्ता को एक महीने के अंदर अदा करे। अगर बैंक यह राशि एक माह के भीतर देने में नाकाम रहा तो इसे नौ प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करना होगा।
आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि अपीलकर्ता अपने सामान का बीमा करवाने में असमर्थ रहा है, इसलिए वह बीमा कंपनी से अपने सामान का पूरा मुआवजा लेने का हकदार नहीं है, क्योंकि जिस वक्त इस सामान को क्षति पहुंची, उस समय बीमा कंपनी ने कोई भी बीमा पॉलिसी उसके हक में जारी नहीं की थी।
हालांकि स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की सोलन शाखा के एजीएम एमके धामा ने कहा है कि अभी यह फैसला उनके ध्यान में नहीं आया है।